महिलाओं के हारमोंस का दांतों के स्वास्थ से क्या सम्बन्ध है?

Dental Care Tips for Females in Hindi


महिलायें तो जैसे आजीवन हार्मोनल चेंजेस से शापित हैं, पर क्या आप जानते हैं कि हारमोंस के बदलाव् का मसूड़ों पर भी प्रभाव पड़ता है? इसका मुख्य कारण है मसूड़ों को मिलने वाले खून में कमी के साथ साथ प्लाक से होने वाली बैक्टीरिया के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया। कुछ चरण जिनमें महिलाओं के हारमोंस असंतुलित होते हैं, वे इस प्रकार हैं: Read Dental Care Tips for Females in Hindi (Mahilao Mein Daanto ki Samasya).

 Oral Health in Females in Hindi

Dental Care Tips for Females in Hindi

(Mahilao Mein Daanto ki Samasya)

1. जब वे किशोरावस्था में आती हैं (Oral Health When She Become Teenager)

जब लड़कियां किशोरावस्था में कदम रखती हैं, तो उनके फीमेल हारमोंस बढ़ते हैं जो मसूड़ों में खून बढ़ाते हैं। प्लाक व कैलकुलस में मौजूद तकलीफदायी पदार्थों से भी मसूड़े अधिक सेंसिटिव हो जाते हैं और सूज कर लाल हो जाते हैं और फिर उनमें से खून बहने लगता है।

 

2. मेन्स्त्रुअल साइकिल के समय (Oral Health During Menstrual Cycle)

सामान्यतया मेन्स्त्रुअल साइकिल का मसूड़ों पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता। किन्तु कुछ महिलाओं को हार्मोनल या ओवेरियन असंतुलन की वजह से मसूड़ों में तकलीफ हो सकती है। पीरियड्स के एक या दो दिन पहले उनके मसूड़ों से खून निकल सकता है या उनमें सूजन हो सकती है या फिर कसाव महसूस होता है। पीरियड्स शुरु होने के साथ ये लक्षण ख़त्म होने लगते हैं।

 

3. प्रेगनेंसी के समय (Oral Health in Pregnancy)

प्रेगनेंसी में जो हार्मोनल बदलाव होते हैं उनसे महिलाओं के मसूड़े प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं और प्रेगनेंसी जिन्जिवाईटिस होता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शुरू में मसूड़े में सूजन आती है, वे लाल हो जाते हैं और ब्रश या फ्लॉस करते समय उनमें से खून निकलता है। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए तो दांतों को नुकसान हो सकता है।

पायोजेनिक ग्रेन्युलोमा, जिसे प्रेगनेंसी ट्यूमर के नाम से जाना जाता है, में मसूड़ों के किनारों पर सूजन या गांठें होती हैं जो खतरनाक नहीं होती किन्तु कुछ खाते या बात करते समय उनमें से खून निकलने लगता है जो असुविधाजनक होता है।

 

4. मेनोपोज़ के समय (Oral Health During Menopause)

मेनोपोज़ के बाद मसूड़े लाल, सूखे एवं चमके हुए से होते हैं और उनमें आसानी से खून निकल आता है। मुंह के अन्दर जलन महसूस होती है और गर्म या ठन्डे खाने के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। साथ ही मुंह सूखने लगता है और स्वाद की क्षमता असामान्य हो जाती है। मेनोपोज़ से एस्ट्रोजन का स्तर भी कम होने लगता है जिससे हड्डियों के लिए खतरा बढ़ जाता है। जब जबड़े की हड्डी पर असर आता है तो दांतों के गिरने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

 

5. जब पिल ली जा रही हो (Oral Health During Taking Pills)

कुछ समय पहले आ रही गर्भनिरोधक गोलियों में हारमोंस का स्तर बहुत ऊंचा होता था, जो मसूड़ों को नाज़ुक बनाती थीं इसलिए भी मसूड़ों में से खून निकलता था। अब मिलने वाली गोलियों में हारमोंस कम होते हैं इसलिए वे ज्यादा हानि नहीं पहुंचाते हैं।

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