आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके Confidence Tips in Hindi

Self Esteem Tips in Hindi


अपने आप को पसन्द करना या high self-esteem होना अच्छा और बेहतर महसूस करने के लिए बहुत ही ज्यादा important है। पर लोग जैसा सोचते है self-esteem वैसे work नही करता है। आप सोचेंगे की आदमी बहुत बड़ा है तो बहुत high self-esteem होगी और छोटी पोस्ट पर है तो हमेशा दबा हुआ रहता होगा। कुछ लोग बहुत ही मामूली काम कर रहे होते है,  मोटे और भद्दे दिखते है और उनके बहुत ही unglamorous friends होते है पर उनका self-esteem फिर भी बहुत high होता है। वो काफी हद तक अपने आप को बहुत पसन्द करते है। भले दुनिया उन्हें पसन्द करे ना करे, भले ही उन्होंने कोई बड़ा काम ना किया हो वो अपनी दुनिया में मस्त है। आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके Confidence Tips in Hindi

Self Esteem Tips in HindiConfidence Tips in Hindi

(Confidence Badhane ke Tips)

दूसरी category के लोग जिनके लिए कितना भी बड़ा achievement, prestige और कितना भी पैसा उन्हें अच्छा feel नही कर सकता है। वो हमेशा अपने आप को criticize करते रहते है, हमेशा अपने आप को कोसते रहते है, अपने आपसे हमेशा नाखुश रहते है और ये सोचते रहते है, कि वो इतने खराब है कि इस दुनिया में जीना भी deserve नही करते। जैसा की लोग समझते है high self esteem होना या अपने आप को पसन्द करने का सीधा सम्बन्ध कुछ बहुत बड़ा achieve करने से नही होता है।

हर इंसान का self esteem level एक बहुत ही personal point पर तय होता है। ऐसे कई factors है जो ये decide करते है कि ultimately आप अपने आप को कितना पसन्द करेंगे?

  1. आपके same gender parent का nature कैसा है और वो अपने आपको कैसा आंकते है। यानी की अगर आप लड़के है तो father का confidence कितना strong है वो matter करेगा और अगर आप लड़की है तो आपकी mother अपने आप को कितना important महसूस करती है।

क्या आपने अपने same gender के parents से ज्यादा achieve किया है या फिर कुछ कम achieve किया है?

ऐसा अधिकतर देखने में आता है कि एक positive level of self esteem उन लोगो में ज्यादा होता है जिन्होंने अपने same gender parents से ज्यादा achieve किया है। जिन लोगो का एक गरीब environment या background है यहाँ उनको एक advantage रहता है। शायद आपके पास एक छोटी सी car हो और आप एक कमरे में अपने परिवार के साथ रहते हो लेकिन अगर आपके माता पिता किसी छोटे से गांव में झुग्गी बस्ती में रहते थे तो फिर आपको कई बार किसी राजा महाराजा से कम महसूस नही होगा। वही कही आप एक ऐसे घर में पैदा हुए जहाँ पर बहुत महंगी महंगी गाड़ियाँ है, ऐशो आराम की हर चीज है और आपके पिता ने लाखो करोड़ो की सम्पति खड़ी की है पर आप एक simple middle class नौकरी कर रहे है तो आपका वजूद जो कि compression तो बहुत मामूली है-आपको हमेशा सताता रहेगा।

  1. Secondly आपके आस पास के लोग किस मुकाम पर है। इसमें आपको पूरी दुनिया से मतलब नही है but आपके immediate friends circle से, आपके peer group से जो भी लोग हमारे साथ पढ़े हुए है, जो भी लोग हमारे साथ बढे हुए है और जो हमारे आस पास ही रहते है और हमसे हमेशा मिलते रहते है। पूरी दुनिया में किसी को कितनी भी success क्यों ना मिल जाए हमे कोई फर्क नही पड़ता But ज्यादातर लोगो के लिए इससे बुरा bad luck और इससे बड़े दुःख की बात क्या हो सकती है कि उनके ही peer group में से किसी ने एक billion dollar company खड़ी कर दी है। हर बार जब भी हम अपने किसी ऐसे classmate से मिलते जिसने हमसे बेहतर किया है….हमारे अन्दर का past जैसे मर सा जाता है।
  2. Thirdly, आपको बचपन में किस तरह का प्यार था हमे बचपन में किस तरीके का affection मिला था। हमे प्यार किन conditions पर मिला था? हम में से काफी लोग ऐसे है जिनके parents को सिर्फ conditional love देना ही आता था। यानि की अगर तुम वैसा करते हो जैसा मैं चाहता हूँ तो ही मैं तुमसे प्यार करता हूँ। इसका सीधा संबन्ध school की grades से है। अगर हमारे marks अच्छे आये तो हम अच्छे बच्चे है और बुरे तो हम भी बुरे। हाँ शायद हमारे parents की इसी mentality ने हमे high achievers बनाया जिसकी वजह से हम अच्छी नौकरी पा सके, ठीक ठाक कमा सके- But ये ना कभी आसान था, ना है, ना रहेगा। हमेशा सिर्फ इसलिए best करना कि सामने वाले की नजर में हम अच्छे बने रहे- ये easy नही है। अपने आपको best करने के लिए इतना थका देना की आप completely exhaust हो जाय और थक जाय- ये सब easy नही है। Parents को हमेशा खुश रखना easy नही है।

कुछ बच्चे खुशनसीब होते है-उनके parents उनको उसी तरह से प्यार करते है जैसे वो है। उन्होंने दुसरो के approval के लिए कुछ खास नही करना पड़ता। उनको हमेशा ये feel कराया जाता है कि वो जैसे है वैसे ही बहुत ज्यादा matters करते है। वो 1st या 2nd आ जाय वो भी ठीक 8th या 10th आ जाये तो भी ठीक।

अगर आपके parents ने आपसे ज्यादा achieve किया है, अगर आपके peer group में सब आपसे बेहतर कर रहे है, अगर आपको हमेशा conditional love ही मिला है, वो दुनिया में कितनी भी मेहनत या कोई भी बड़ा medal ना जीत ले, उनका self esteem शुरुआत में तो basically low ही रहेगा।

अब इससे हमे ये मालूम पड़ता है कि life में हमारे क्या challenges है? सबसे पहले ये जान लीजिये कि किसी भी professional या economic achievement से हम अपने आप को बेहतर महसूस नही करा सकते। ऐसे हजारो करोड़ो लोग है जो बहुत famous है अरबो कमा रहे है पर जिनका self esteem level बहुत low है। इस problem का सीधा साधा solution है अपनी situation और अपने life experiences को जैसे है वैसे accept करना। हमारे thought को हम control करते है इसका मतलब तो ये हुआ कि हम जैसा feel करते है उसे भी तो control कर सकते है।

इसके लिए बहुत छोटे तौर पर start करना होगा। एक दिन में आप अपने आपको प्यार करना नही सीख सकते है ये एक पौधा उगाने की तरह है। पहले आप एक बीज बोयेंगे, फिर उसे लगातर पानी देंगे, ये ध्यान रखेंगे की सूरज की रौशनी उसे लगातर मिल रही है, उसे हवा मिल रही और फिर वो पौधा एक दिन मिटटी में से निकलेगा।

आप सिर्फ और सिर्फ अपने positive thoughts की volume को बढ़ाते जाये. अपने बारे में अच्छा सोचते रहे। इससे टाइम तो लगेगा लेकिन जब आप अभी अपने आप को ६ महीने पुराने वाले इंसान से कपरे करेंगे तो पायंगे की आप कितने better हो गए है। आप कितने खुश हो गए है और लाइफ में आप खुश रहना सबसे ज्यादा important है क्योंकि अगर आप खुश है तो आप दुसरो को खुश रख सकते है। हमारे अन्दर क्या अच्छा? ये सोचना हमे इतना difficult लगता है कि शुरुवात में तो अपने strong point निकालना भी किसी पहाड़ को तोड़ने जैसा लगता है। कई लोगो को जब कोई simple सा complement भी मिलता है जैसे कोई कहे कि “आपकी साड़ी कितनी अच्छी लग रही है” तो आप कहेंगे की ओह इसमें क्या इतना खास है- ये तो बस ऐसे ही है।

जो आपको सबसे पहली exercise करनी है अपने thoughts की volume को बहुत ज्यादा या कम करना। आपको positive thoughts का volume बहुत ज्यादा बढ़ा देना है-आपको बहुत सारे thoughts हो सकते है जैसे कि

  1. मैंने school में अपनी एक friend को bully किये जाने से बचाया था।
  2. मैं बहुत तेज भाग सकता हूँ।
  3. मुझमे बहुत हिम्मत है। मैं हर साल new year पर गरीब बच्चो को खाना खिलाता हूँ।
  4. मैं pasta बहुत अच्छा बना लेती हूँ।
  5. मैं बहुत शांत हूँ।

Negative thoughts को सुने लेकिन उसका volume कम करते जाये। लोग safe होने से ज्यादा बहुत important होना महसूस करना चाहते है। लोगो को कितना अच्छा लगता है जब हम उन्हें dinner पर बुलाते है और उनके थोड़ा भी late होने पर उन्हें वापस call करते है, लोगो को ये अच्छा लगता है की कोई आये और उन्हें important feel कराये। पर हम कब.. कब तक दूसरे लोगो का wait करे की वो आये और हमे validate करे।

अपने positive thoughts कि volume बढ़ाते जाये। अपने negative thoughts को सुने और delete बटन दबाये और अगली बार जब भी आपको कोई complement करे सीधा खड़े रहे, उनकी आँखों में देखे और दिल से कहे thank you.

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