क्यों होता है सीने में दर्द

Causes Of Chest Pain In Hindi


सीने में दर्द की बात सुनते ही सबका ध्यान पहले ही दिल का दौरा पड़ने पर चला जाता है। मगर सीने में दर्द के कई और कारण भी हो सकते है। लंग्ज़, मसल्स, पसली या नसों में कोई समस्या होने पर सीने में दर्द होता है। किसी-किसी स्थिति में यह दर्द भयानक रूप धारण कर लेता है जो जानलेवा भी हो सकता है। लेकिन एक बात ध्यान में रखे की खुद ही रोग की पहचान ना करे और सीने में दर्द होने पर सबसे पहले डॉक्टर से चेक उप कराए। आइए जानते है सीने में दर्द का कारण बनने वाले कुछ रोगो के बारे में। Read Causes of chest pain in hindi (Seene Mein Dard ke Karan).

 Seene Mein Dard ke Karan

Causes Of Chest Pain In Hindi

सीने में दर्द के कारण (Seene Mein Dard ke Karan)

 

1. हाई ब्लड प्रेशर होने पर (Chest Pain Due to High Blood Pressure)

जो नसे खून को लंग्ज़ तक ले जाती है जब उनका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तब सीने में दर्द होता है और इस स्थिति को Pulmonary Hypertension कहते है।

2. फेफड़ो में रोग (Chest Pain Due to Lungs Disorder)

जब ब्लड वेसल्स में थक्का जमने लगता है तब लंग्ज़ के टिश्यूस में ब्लड सर्क्युलेशन रुकने लगता है। ऐसा होने से बेचैनी होने लगती है और सांस लेने में प्राब्लम होती है। बाद में यह सीने में दर्द का रूप ले लेती है।

3. एनजाइना होने पर (Chest pain Due to Angina)

जब हार्ट मसल्स को ऑक्सिजन कम मिलती है तब सीने में दर्द, बेचैनी और तनाव होने लगता है। इस बीमारी को एनजाइना कहते है। यह दर्द कंधे, पीठ और पेट के उपरी भाग में भी हो सकता है। यदि इस स्थिति को समय रहते ना संभाला जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है।

एनजाइना होने के कारण – डायबिटीज, हाई कोलेस्टरॉल और हार्ट के कमजोर होने के कारण यह बीमारी हो सकती है। महिलाओ में इर्रेग्युलर पीरियड्स की वजह से भी यह बीमारी हो सकती है।

4. डर या सदमा लगने के कारण (Chest Pain Due to Fear or Shock)

कभी-कभी सीने में दर्द अत्यधिक फियर, अचानक कोई सदमा लगने पर और heart rate बढ़ने के कारण भी हो सकता है।

5. तनाव के कारण (Chest Pain Due to Stress)

तनाव के कारण heart rate तेज हो जाती है और सांस लेने में प्राब्लम होने लगती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है और हार्ट के ब्लड सर्क्युलेशन में रुकावट आने लगती है। इससे सीने में दर्द होने लगता है।

6. एसिडिटी होने पर (Chest Pain Due to Acidity)

एसिडिटी होने पर भी सीने में दर्द हो सकता है।

यह सब बीमारिया आपके अस्वास्थ खाना खाने के कारण होती है। इनसे बचने के लिए आपको नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। जो व्यायाम आपके शरीर के उपयुक्त हो उस व्यायाम को ज़रूर करे, जैसे – तेज कदमो से चलना, सीडिया चाड़ना, बॅडमिंटन खेलना आदि। साथ ही अपने आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाए और कैलोरीज की मात्रा कम करे। खाने में नमक की मात्रा को कम करना सबसे ज़रूरी होता है। इसके साथ ही स्मोकिंग और शराब पीने की आदत से बचे।

खुद को हेल्थी रखने के लिए व्यायाम करना और संतुलित आहार लेना ज़रूरी होता है। इन सबके अलावा खुद को खुश रखे और स्ट्रेस से दूर रहने की कोशिश करे।

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