Parenting

Monsoon Tips For Children In Hindi

शांत और हवादार बारिश का मौसम बच्चों से संबंधित समस्याओं के साथ आता है। बारिश में हमें बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति रखनी चाहिए। बारिश के मौसम में गीलापन सभी रोगों का मूल कारण है। बारिश के मौसम में तापमान जीवाणु और virus के लिए अनुकूल होता है। बारिश के मौसम के दौरान वे आसानी से बढ़ते और फैल सकते हैं। बारिश में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ उपयोगी सुझाव यहाँ बताये जा रहे है। Read monsoon tips for children in hindi (Barish Mein Baccho ke Liye Tips).

Barish Mein Baccho ke Liye Tips

Monsoon Tips For Children In Hindi

(Barish Mein Baccho ke Liye Tips)

  • अपने बच्चों के कमरे शुष्क और साफ रखें। उनके कमरे के तापमान को सामान्य बनाए रखें।
  • बारिश के मौसम में बच्चे को गर्म स्नान दे। यह बच्चे को ताजगी और आराम देता है। उनके नहाने के पानी में antiseptic तरल पदार्थ की कुछ बूँदें मिलायें।
  • बारिश के मौसम में दिन के समय में बच्चों के कमरे को हवादार रखें।
  • शाम के समय सभी खिड़की और दरवाज़े बंद कर दें, ताकि मच्छर और अन्य कीड़े घर के अंदर ना आए।
  • हमेशा घर में सर्दी, फ्लू, बुखार की दवाएं रखें।
  • बारिश के मौसम में AC ना चलाये। यह कमरे के तापमान को कम करता है।
  • बच्चों के कमरे में मच्छर मारने वाले क्वायल की जगह मच्छर दानी का इस्तेमाल करें।
  • उनके पैरों को साफ और शुष्क बनाए रखें।
  • बच्चों को मध्यम गर्म भोजन परोसें। भोजन में गर्म पेय, गर्म सलाद आदि परोसें।
  • बच्चों के बैग, बरसाती, खिलौनो को साफ और शुष्क बनाए रखें।
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Beauty Tips For Children In Hindi

हमेशा से ही स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए घरेलु नुस्खे अच्छे माने जाते है। यह टिप्स बिना किसी हानि के आपके बच्चो की सुंदरता को बनाये रखेगी। Read beauty tips for children in hindi (baccho ke liye beauty tips).

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Beauty Tips For Children In Hindi

(Baccho ke Liye Beauty Tips)

  • बच्चों के लिए अखरोट और ताज़ी क्रीम से बने स्क्रब का प्रयोग करे।
  • ग्लिसरीन, नीबू के रस और गुलाब जल से ब्लैक हेड्स और मुंहासें हटाये जा सकते है।
  • होठों के कालेपन को दूर करने के लिए रात को सोने से पहले रेंडी और बादाम के तेल लगाएं।
  • आँखों के काले घेरे को खत्म करने के लिए रेंडी और नारियल के तेल का प्रयोग करे। इनसे आँखों के आसपास मालिश करे।
  • हाथ और पैरों को सुन्दर बनाने के लिए नमक, बादाम का तेल, लैवेंडर तेल और पानी के पेस्ट को करीब 20 मिनट तक लगा के रखने के बाद धो लें।
  • बालों को चमक देने के लिए सिरके की कुछ बूंदे पानी में मिलाएं और शैम्पू करने के बाद धोलें।
  • थकी और बेजान आँखों में गुलाब जल डाले।
  • हाथों और घुटनों की सफाई के लिए नीबू अच्छा होता है।
  • बालों की सफाई के लिए मक्के का आटा अच्छा होता है। इसे लगाने के बाद अच्छे से कंघा अवश्य करे।

निष्कर्ष: बच्चों को सुंदरता के लिए टिप्स की आवश्यकता होती है जो उन्हें अंदर और बाहरी रूप से साफ़ रखती है। ऊपर दी गयी अच्छी आदतों को बच्चों में निर्मित करे जिससे वह सुन्दर रूप से बड़े हो।

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Tips To Keep Children Healthy In Hindi

बच्चे साफ़, मासूम, सुन्दर और ज़िंदादिल होते हैं। चाहे वह लड़का हो या लड़की, उन्हें अच्छी सेहत के फायदे बातये जाना चाहिए। इससे उनकी त्वचा और स्वस्थ दोनों अच्छे रहेंगे। Read tips to keep children healthy in hindi (Baccho ko Fit Rakhne ke Tips).

Baccho ko Fit Rakhne ke Tips

Tips To Keep Children Healthy In Hindi

(Baccho ko Fit Rakhne ke Tips)

1. बच्चों के भोजन के लिए टिप्स (Healthy Food Tips for Children)

बच्चो में अगर शुरू से अच्छा और स्वस्थ भोजन करने की आदत डालेंगे तो उनकी हमेशा की आदत बन जाएगी। उन्हें छूट दे पर समय पर यह भी बताए कि उन्हें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। उनकी सही खाना चुनने में मदद करे। उनके भोजन में ताज़े फल, सब्ज़ियाँ, सी फ़ूड, अंडे, नट्स इत्यादि शामिल करें।

2. बच्चों के स्वच्छ्ता के लिए टिप्स (Cleanliness Tips for Children)

बच्चों को रोज़ नहलाए और पाउडर लगाए जिससे वह पूरे दिन ताज़ा और साफ़ रहें। उन्हें हानिकारक पदार्थों से दूर रखें।

बच्चों के बालों और त्वचा के लिए टिप्स (Healthy Hair and Skin Tips for Children)

स्वस्थ बाल और त्वचा, पोषक तत्वों से मिलते है। रासायनिक क्रीम, लोशन और शैम्पू बच्चो की त्वचा और बालों पर मुलायम होने के बजाय कठोर होते हैं। बच्चो के अच्छे बाल और त्वचा के लिए मुलायम स्क्रब का उपयोग करे। इस उम्र में उन्हें रासायनिक पदार्थों से दूर रखे। उन्हें सही भोजन चुनने में मदद करें।

बच्चों के लिए सुंदरता के लिए टिप्स (Beauty Tips for Children)

  • बच्चे में अच्छा भोजन करने की आदत डाले, जिससे उन्हें पोषक तत्व मिले। जैसे की मछली, फल, नट्स, सब्ज़ियाँ, चावल आदि। जंक फ़ूड को नियंत्रित करे पर बंद नहीं। बच्चे नियम तोड़ते ही है। हफ्ते में एक बर जंक खाने की अनुमति देदे।
  • बच्चों को घर के अंदर और बहार खेलने के लिए प्रेरित करे जिससे उन्हें थकने के बाद नींद आये। नींद का समय वह होता है जिसमें बच्चे की याद करने की क्षमता बढ़ती है। नींद और सुंदरता में सह-सम्बन्ध है।

 

  • बच्चों के बालों की देखभाल के लिए रासायनिक उत्पादों का उपयोग नहीं करे। बालों की नारियल और जैतून के तेल से मालिश करे फिर साद शैम्पू से धोएं। नियमित सलाद खाने से भी बाल अच्छे होते है। बालों को हमेशा साफ़ रखें जिससे वह स्वस्थ रहे।
  • रोज नहाने के लिए बच्चे को प्रेरित करे, सुबह नाहने से वह दिनभर ताज़गी और शक्ति पूर्ण महसूस करेंगे।
  • बच्चों को नहाने के लिए अच्छे और साद साबुन का उपयोग करना चाहिए। उनकी मालिश जैतून के तेल द्वारा करने से त्वचा को मुलायम रखा जा सकता है।
  • नाहने के बाद बच्चों को मॉइस्चराइजर लगाये।
  • हलकी धुप में सुबह और शाम खेलने से बच्चों की सेहत पर अच्छा असर होता है। उन्हें दोपहर में खेलने से रोके क्यूंकि वह त्वचा को हानि पंहुचाती है।
  • बच्चों को दिन में दो बार ब्रश करना सिखायें जिससे उनके दांत अच्छे रहे।
  • परफ्यूम्स, इत्र और डिओड्रेंट को बच्चों के उपयोग में लाने से रोके क्यूंकि उनकी त्वचा संवेदनशील होती है।
  • बच्चों के हाथो और चेहरे को थोड़ी थोड़ी देर में साद साबुन और पानी से धोएं।
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Teenage And Anxiety Of Puberty In Hindi

किशोर अवस्था में होने वाले शारीरिक बदलावों के बारे में जानने की उत्सुकता इस उम्र की हर लड़कियों और लड़कों में होती है। 10 से 18 वर्ष की इस अवस्था से सभी गुज़रते हैं और इस उम्र में बहुत सारे सवाल होते हैं जिनके जवाब जानने की उत्सुकता होती है। अगर इन सवालों के जवाब सही तरीके से मिल जाए तो सब कुछ सामान्य लगने लगता है। Read about Teenage And Anxiety Of Puberty In Hindi (Teenages ko Puberty ki Anxiety).

Teenages ko Puberty ki Anxiety

Teenage And Anxiety Of Puberty In Hindi

इस उम्र में लड़कों और लड़कियों के मन में उठने वाले प्रश्न 

Teenages ko Puberty ki Anxiety

स्वप्नदोष क्या है ? (What is Night Fall)

प्रतिदिन पुरुष का शरीर वीर्य का निर्माण करता है, किशोर अवस्था में जब लड़के गहरी नींद में सोते हैं तो अपने आप ही लिंग से वीर्य निकल जाता है, इस प्रक्रिया को स्वप्नदोष कहते है।

सामान्य साइज़ क्या है ? (What is Norma Size)

अक्सर इस उम्र में लड़कों के मन में एक सवाल होता है कि उनके लिंग की लम्बाई सही है की नही इसीलिए लड़के अक्सर हस्तमैथुन करने लग जाते हैं। लिंग की सामान्य लम्बाई 3 – 4 इंच होती है।

मासिक चक्र क्या है ? (What is Menstrual Flow)

महीने में एक बार योनि के द्वारा खराब खून को बाहर निकाला जाता है जो 3 – 4 दिन तक चलता है, इसे मासिक चक्र कहते है। यह 12 से 14 की उम्र में लड़कियों में शुरू हो जाता है।

स्तनों का आकार कितना होना चाहिये ? (What is Normal Breast Size)

लड़कियों को यह जानने की बड़ी उत्सुकता होती है की स्तनों का आकर कितना होना चाहिए? लेकिन यह उनकी आनुवंशिकता पे निर्भर करता है।

किशोरों से बातचीत करने के लिए बेसिक टॉपिक्स (Basic Topics to Be Discusses with Teenagers)

सेक्स पर किशोरों से बात करना माता पिता के लिए वाकई मुश्किल होता है। पर इस टॉपिक में बातचीत बहुत ज़रूरी है। जब भी इस टॉपिक पर बच्चे से बात करें तो ऐसे स्थान को चुने जहाँ शांति का माहौल हो। बच्चे को खासकर लड़कियों को शरीर में होने वाले बदलाव और विपरीत लिंग के प्रति होने वाले आकर्षण को एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में समझाएं। उन्हें यह भी बताएं कि समाज में सब कुछ बदला जा सकता है पर अगर इज्ज़त चली गयी तो उसे बदला नहीं जा सकता। उन्हें इस उम्र में होने वाले इमोशन्स, प्यार और आकर्षण के अंतर के बारे में भी समझाएं।

बर्थ कंट्रोल (Birth Control)

इस टॉपिक पर भी टीन एजर्स के साथ डिस्कस किया जाना चाहिये। उन्हें प्रेगनेंसी को रोकने के तारके और कंडोम तथा गर्भ निरोधक गोलियों के स्तेमाल के बारे में भी जानकारी दीनी चाहिये।

यौन संक्रमित रोग (एस.टी.डी.) का ज्ञान (What is S.T.D)

किशोरों को एस टी डी से होने वाले नुकसान, इनसे बचने के तरीके और इनके प्रभाव और इलाज के बारे मे ज्ञान दिया

किशोरों की उत्सुकता और यौवन (Teen Curiosity and Puberty)

यौवन के प्रति किशोरों के मन में उठने वाली उत्सुकता इस बात का प्रमाण देती है कि उनके शरीर में यौवन अवस्था शुरू हो चुकी है। इस अवस्था में बच्चे जिद्दी हो जाते हैं, जवाब देने लगते हैं, बात नहीं मानते, बात बात पर गुस्सा करने लग जाते हैं। इस सब के लिए बच्चे को दोष ना दे बल्कि इस बात को समझने कि बच्चे में यौवन की शुरुआत हो रही है। इस उम्र में उनके दिमाग में कई सवाल उठते हैं जिनके समाधान जानने के लिए वे बड़े उत्सुक रहते हैं। माता पिता को उनसे बात करके उनके प्रश्नों का समाधान किया जाना चाहिये।

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Tips for Working Mothers in Hindi

एक सर्वे के अनुसार आधी से ज्यादा वर्किंग मदर्स को इस बात पर ग्लानि महसूस होती है कि वे अपने बच्चे को घर पर छोड़कर जाती हैं। अपनी लाइफस्टाइल में कुछ परिवर्तन करके ये नज़रिया बदला जा सकता है। Read Tips for Working Mothers in Hindi (Working Mothers ke Liye Tips).

महिलाएं अपने जॉब से बेहद प्यार करती हैं किन्तु ग्लानि से भरी रहती हैं कि उन्हें अपने बच्चे से दूर रहने का कोई हक नहीं। वे दूसरों की सोच की अधिक परवाह करती हैं। अपनी जीवनशैली में कुछ परिवर्तन करके वे अपना जीवन के प्रति नजरिया बदल सकती हैं। ग्लानि रहित रहकर कार्य करने के लिए कुछ टिप्स:

 

Working Mothers ke Liye Tips

Tips for Working Mothers in Hindi

(Working Mothers ke Liye Tips)

बच्चों के साथ हों तो मोबाइल बंद कर दें (Turn Off the Mobile When With Children)

जब आप अपने बच्चे के साथ एन्जॉय कर रही हों तो कम से कम आधे घंटे के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर दें। अपनी सारी ऊर्जा को अपने बच्चे के साथ रहने के लिए केन्द्रित करें। आपके बच्चे इसे पसंद करेंगे।

 

अन्य वर्किंग मदर्स के साथ वक़्त बिताएं (Spend time with other Working Mothers)

इसका मतलब यह नहीं कि आप दूसरी गृहिणियों के साथ मिलना जुलना बंद कर दें, बस वर्किंग मदर्स के साथ समय अवश्य बिताएं। उनमें भी आप ही की भाँती ग्लानि का भाव होगा, और इस तरह आप एक दूसरे को उनकी चॉइस के लिए सपोर्ट और प्रोत्साहन दे सकेंगी।

 

आप क्या करती हैं इससे किसी को मतलब नहीं होना चाहिए (What you do Should not be meant by anyone)

महिलाएं स्वयं को दोष देने में माहिर होती हैं। अपनी ज़िन्दगी के चुनावों के बारे में दृढ रहिये। ये कभी न सोचें कि आपको दूसरों के सामने अपने आपको साबित करना है या जवाब देना है।

 

अपने अन्दर की “उस” आवाज़ को बंद कर दें (Dot be Guilt Cautious)

आपके अन्दर की आवाज़ आपके काम के बारे में क्या कहती है इस पर ध्यान दें। अक्सर लोगों को कहते सुना है कि“ मुझे इस बात की ग्लानि है कि मैं अपने बच्चे के विकास के समय उसके पास नहीं रहती”। इस ख्याल को सकारात्मक सोच में बदल दें। अपने आप को अपने काम की अच्छी बातें याद दिलाएं।

अपने आप से यह कहें कि “मैं स्वयं पर गर्व करती हूँ कि मैं अलग अलग कामों में खुद को मैनेज कर रही हूँ” या फिर मैं खुद को एक अच्छी अभिभावक मानती हूँ क्योंकि मैं अपने जीवन के बाकी क्षेत्रों में परिपूर्णता महसूस करती हूँ।”

 

अपनी “टू-डू” लिस्ट पर अटल रहें (Be Adamant to Your To Do List)

आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है यह तय कर लें। किस दिन क्या करना है यह टुकड़ों में बाँट लें। इसका मतलब होगा कि आप वो सब अवश्य करेंगे। कुछ कार्य जो उस लिस्ट में से हटाये जा सकते हैं उनके लिए भी खुद का मन कड़ा कर लें।

 

एक सकारात्मक रोल-मॉडल होने पर फख्र महसूस करें (Feel proud to be a positive role model)

जब आप पैसों के लिए काम करती हैं या आप अपने काम से प्यार करती हैं या फिर दोनों ही बातें हों, तब आपने अपने बच्चों का ख्याल रखकर, पैसे कमाकर और घर चलाकर अपने जीवन को अपने नियंत्रण में ले लिया है। स्वयं को बच्चों के सामने एक उदाहरण के तौर पर खड़ा करने का फ़ख्र महसूस करिए और अपना वक़्त अपने बच्चों के साथ एन्जॉय करने और अपने काम के लिए फोकस करने पर लगाइए।

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