Migraine & Headache

Remedies For Headache In Hindi

हमारा शरीर बहुत ही उत्तम रक्षात्मक मशीनरी है जब भी हम शरीर संबंधित गलत आदतों को अपनाते है जैसे पर्याप्त खाना नहीं खाते है या पानी नहीं पीते है, कम नींद लेते है, ऐसे में शरीर की तरफ से पहला संकेत सिरदर्द के रूप में मिलता है। Read Headache ka Ilaj Hindi

Headache ka Ilaj Hindi

  • जब भी आपको सिरदर्द की समस्या हो पर्याप्त पानी पीएं, संभव हो तो गुनगुना पानी पीएं।
  • घी सिरदर्द के उपचार में महत्वपूर्ण चिकित्सा है। रोज गरम चावल में थोड़ा सा घी मिलाकर खाएं, अगर कब्ज के कारण सिरदर्द है तो घी का उपयोग करने से आपकी लम्बे समय तक रहने वाले सिरदर्द से राहत मिलेगी।
  • अनेक प्रकार के तेल जैसे लेवन्डर, पिपरमिन्ट आदि से मसाज करने से राहत मिलती है तथा सिरदर्द व टेन्शन दूर होते है। किसी भी तेल की कुछ बूंदे अंगुलियों पर लेकर इसे त्वचा पर रगड़े, ललाट, गाल व गर्दन पर लगाए।
  • अनेक प्रकार के सिरदर्द, शोर शराबे, भीड़-भाड़ तथा नाक से संबंधित बिमारियों जैसे साइनस से संबंधित होते है। ऐसे मामलों में आवश्यक तेलों की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर अपने रूमाल पर रखकर सूंघे तथा तेज सांस लें।
  • जब भी आपको सिरदर्द हो, चन्दन में पानी की कुछ बूंदे मिलाकर ललाट पर लगाए तथा सुखने तक कुछ मिनट रखें। उसके बाद पानी से धो लें।
  • अदरक में पाए जाने वाला volatile oil में दर्दनाशक शक्ति होती है। एक अदरक का टुकड़ा लेकर उसे गर्म पानी में उबालें एवं छान कर पी लें। उससे सिरदर्द की तीव्रता कम हो जाती है।
  • कुछ आसान कसरत करके सिरदर्द की तीव्रता कम की जा सकती है। अपने ठोडी को ऊपर-नीचे करें, दाँए-बाँए घुमाएँ गर्दन को कंधों तक ले जाकर घुमाएं।
  • ग्रीन टी सिरदर्द की सर्वश्रेष्ठ दवा है। कुछ ग्रीन टी की पत्तियाँ लेकर ज्यूस निकाले और इसमें नींबू मिलाएँ और गर्मागर्म पी जाएं।
  • सिरदर्द दूर करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ। खाना समय पर खाएँ। कम से कम आठ घंटे की नींद निकालें। नियमित कसरत करें।
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Remedies For Migraine In Hindi

दालचीनी उन लोगों के लिए सबसे अच्छी प्राकृतिक औषधि है जो मितली, उल्टी, जी मचलना, नींद न आना तथा किसी भी कार्य में एकाग्रता नहीं रख पा रहे हो। नीचे कुछ प्राकृतिक तरीके दिए गए है जो माइग्रेन के उपचार में उपयोगी है। Read Migrane ka ilaj upay gharelu nuskhe

Remedies For Migraine In Hindi

                                                   Migrane ka ilaj upay gharelu nuskhe

(Migraine Ka Upchar)

  • जब आपको माइग्रेन का दौरा पड़े तो पुदीने के तेल की कुछ बूंदे लेकर सिर व ललाट पर लगाए, कानों के पीछे, गले पर हल्के-हल्के मालिश करने से माइग्रेन में आराम मिलता है।
  • अदरक को धोकर इसके टुकड़े काटकर एक कप पानी में 15 मिनिट तक उबालें तथा इस अदरक वाली चाय में कुछ बूंदे शहद या नींबू का रस मिलाकर पीएं। read नींबू के फायदे
  • बहुत से व्यक्ति सिरदर्द होने पर स्ट्रोंग कॉफ़ी पीते है। क्योंकि कॉफ़ी में पाया जाने वाला कैफीन एडीनोसाइन का प्रभाव कम करता है।
  • प्राचीन काल में धनिया का उपयोग माइग्रेन के उपचार में किया जाता है। दो कप पानी को उबालकर इसमें एक चम्मच धनिये के बीज डाले तथा इसे 15 मिनट तक उबालकर छान ले, इसमें थोड़ी शक्कर मिलाकर पी लीजिये । read आइये जानते है सर दर्द से छुटकारा पाने के उपचार
  • अपनी खुशबू के साथ साथ लेवेन्डर ऑइल तनाव कम करने तथा मस्तिष्क को शांत तथा ठण्डा रखने का काम भी करता है।

 

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Remedies For Headache Or Migraine In Hindi

आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रहा है। घर और ऑफिस को सँभालते सँभालते व्यक्ति थक जाता है जिसके जिसके कारण बहुत साड़ी बीमारिया उसे घेर लेती है। उनमें से एक है सिर का दर्द और जिसका कारण टेंशन और डिप्रेशन है। इससे छुटकारा पाने के लिए कई लोग दर्दनिरोधक गोलिया लेते है जिसका बुरा असर सेहत पर पड़ता है। Read Sardard ka gharelu upay nuskhe hindi

 

Remedies For Headache Or Migraine In Hindi

Sardard ka gharelu upay nuskhe hindi

सिर में दर्द के कारण (Causes of Headache) in hindi

सिर दर्द के कई कारण है जैसे की नींद पूरी न होने की वजह से, लगातार कंप्यूटर पर काम करने से, मूड खराब होने से, ज्यादा शराब पीने से। इसका इलाज सही तरह से न होने की वजह से सिर का दर्द गंभीर बन जाता है।

सिर में दर्द के लक्षण (Symptoms of Headache) n hindi

  1. माथे और सिर पर दर्द होना।
  2. सिर के उपरी भाग में और पिछले भाग में गर्दन तक दर्द होना।
  3. रोशनी और तेज आवज या शोर का बर्दाश न कर पाना।

सिर दर्द को दूर करने के प्राकृतिक  उपचार (Natural Remedies for Headache) in hindi

  • गरम पानी में हींग को घोलकर लेप बनाकर माथे पर लगाने से भी सिर का दर्द दूर होता है।
  • अगर कफ के कारण सिर में दर्द है तो लोंग के चूर्ण को गरम पानी में डालकर गरारे करे।
  • बिना दूध की चाय में नींबू निचोड़कर पीने से सिर दर्द में फायदा होता है।
  • थोड़े पानी में लोंग को पीसकर डालकर उसका लेप सिर पर लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • गेरू, कपूर, चन्दन और बादाम को पीस ले फिर लेप बना कर माथे में मलें।
  • काली मिर्च, सोंठ, पीपल, जीरा और दालचीनी को 25-25 gm लेकर कूट लें और फिर सर में दर्द होने पर हर 2-2 घंटे में गर्म पानी के साथ इसे ले।
  • सर्दी के कारण सिर दर्द होने पर तुलसी के पत्तों को चाय में डालकर पिए।
  • सिरदर्द में राहत पाने के लिए सेब का रस, गाजर का रस, अदरक का रस या टमाटर का रस पिए।
  • चन्दन, तिल का तेल या दालचीनी का तेल मिला के फिर किसी शिशी में डालकर मिक्स दे। सर में दर्द होने पर इस मिश्रण से मालिश करे।
  • सोंठ और केसर को देशी घी में मिला के फिर उसका लेप माथे पर लगाऐं। सर दर्द में आराम मिलेगा।
  • योग, व्यायाम करने से मांसपेशिया ढीली पड़ती है और सिर दर्द से निजात मिलता है।
  • सरसों के तेल की मालिश करने से सिर दर्द में राहत मिलती है।
  • नींबू की पत्तियों के रस को नाक में नस्य लें। एैसा करने से सर दर्द में आराम मिल सकता है।

सिरदर्द ज्यादा होने पर चिकित्सक को तुरंत दिखाऐं।

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आइये जानते है सर दर्द से छुटकारा पाने के उपचार Headache migraine ka ilaj hindi 

Migraine in Hindi

सिरदर्द का रोग अर्धकपारी या फिर माइग्रेन एक बडी़ ही आम सी बीमारी है। कई लोग माइग्रेन से हफ्ते में एक या दो बार जरुर जूझते हैं। इसके रोगी वे होते हैं जिनके घरों में यह बीमारी सालों से चली आ रही हो। माइग्रेन का दर्द बड़ा ही तेज होता है जिसमें सिर के एक ही ओर तेज़ दर्द होने लगता है। यह दर्द कई अन्‍य बीमारियों की भी न्‍यौता देता है जैसे, चक्‍कर, उल्‍टी और थकान। Read About Migraine in Hindi (Kyu Hota Hai Migraine).

Migraine in Hindi

Migraine in Hindi

माइग्रेन होने के कारण (Kyu Hota Hai Migraine)

 

माइग्रेन के कई कारण हो सकते है।

 

  • जिन लोगो को हाई या लो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और तनाव जैसी समस्याए होती है उन्हे माइग्रेन होने की आशंका बढ़ जाती है।

 

  • हॅंगओवर, किसी तरह का संक्रमण और शरीर में विषैले तत्वो का जमाव भी इसकी वजह हो सकता है।

 

  • माइग्रेन अन्य रोगो जैसे नजला, जुखाम और कब्ज की परेशानी के कारण हो सकता है।

 

  • यह रोग मासिक धर्म में गड़बड़ी के कारण हो सकता है।

 

  • आँखो में दृष्टिकोण के कारण भी आधे सर में दर्द हो सकता है।

 

माइग्रेन के प्रकार (Type of Migraine)

 

आमतौर पर दो तरह के माइग्रेन अटैक होते है। एक होता है कामन माइग्रेन और दूसरा क्लॅसिक माइग्रेन।

 

कॉमन माइग्रेन (Common Migraine)

कामन माइग्रेन में सर के एक हिस्से में हल्का या बहुत तेज़ दर्द शुरू होकर पूरे सर में दर्द फैल जाता है। यह दर्द 5 घंटे से लेकर 3 दिन तक रह सकता है।

 

क्लासिक माइग्रेन (Classic Migraine)

क्लॅसिक माइग्रेन में दर्द कॉमन माइग्रेन की तरह ही होता है। फ़र्क बस इतना होता है की इसमे पीड़ित व्यक्ति को चेतावनी, सर दर्द शुरू होने से पहले ही मिल जाती है।

 

इसमे काले धब्बे दिखना, चीज़े घूमती दिखना, बोलने के समय कठिनाई महसूस करना जैसा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में सर दर्द शुरू होने से पहले ही दवाई के ज़रिए इसे रोका जा सकता है।

Symptoms of Migraine in Hindi

वैसे तो सर दर्द होना आम बात होती है। पोष्टिक आहार ना लेना, काम का टेंशन इन सब से सर दर्द होता है। पर यदि सर दर्द हद से ज़्यादा हो रहा है तो इसे नज़र अंदाज ना करे। यह माइग्रेन भी हो सकता है। माइग्रेन ऐसी बीमारी है जिसके मरीज दुनिया भर में बढ़ते जा रहे है। यहा तक की हमारे देश में भी इसकी तादात बहुत ज़्यादा है। Read Symptoms of Migraine in Hindi (Migraine ke Lakshan).

Symptoms of Migraine in Hindi

माइग्रेन में सिर के आधे भाग में भीषण दर्द होता है। कुछ लोग सोचते है की माइग्रेन में सिर्फ़ सिर की आधे हिस्से में दर्द होता है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है।  माइग्रेन आधे, पूरे या सर के किसी भी भाग में हो सकता है। माइग्रेन के दौरान सरदर्द, जी मचलना, उल्टी जैसी समस्या होती है। तो आइए जानते है ऐसे ही कुछ माइग्रेन के लक्षण।

Symptoms of Migraine in Hindi

पहचाने माइग्रेन के लक्षण (Migraine ke Lakshan)

माइग्रेन की शुरुआत किसी भी उम्र में हो सकती हो। इस में दृष्टि अचानक धुंदली हो जाती है और सामने मौजूद चीज़े कंपन करती हुई नज़र आने लगती है।

1. गर्दन में दर्द रहना (Neck Pain in Migraine)

बहुत से लोगो को पहले गर्दन में दर्द होता है। फिर उसके बाद सर दर्द की शिकायत रहती है।

2. जी मचलना (Nausea in Migraine)

माइग्रेन के दर्द में व्यक्ति का जी मचलता है, उल्टी आती है। इन सारी परेशानियो के चलते माइग्रेन के रोगियो का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।

3. नींद की कमी (Lack of Proper Sleep in Migraine)

जिन लोगो को माइग्रेन की समस्या रहती है। उन्हे गहरी नींद नही आती। कुछ माइग्रेन पीड़ित व्यक्तियो को लगातार नींद नही आती। एक बार नींद खुल जाने पर वापिस नींद आने में भी बहुत परेशानी होती है।

4. तनाव (Stress in Migraine)

थोड़ी थोड़ी देर में मूड बदलना भी माइग्रेन रोगी का लक्षण होता है। इसके कई मरीज़ो में देखा गया है की वह अचानक तनाव में आ जाते है और थोड़ी देर बाद बिना किसी कारण के नॉर्मल हो जाते है। वह कभी चिड़चिड़े और कभी उत्तेजित हो जाते है।

5. धड़कन तेज होना (Faster Heart Rate in Migraine)

अगर सर दर्द के साथ आपकी धड़कन भी बढ़ जाए तो यह भी माइग्रेन का ही लक्षण है। दर्द सर के एक तरफ या दोनो तरफ भी हो सकता है।

6. आनुवांशिक कारण (Genetic Cause in Migraine)

कुछ मामलो में परिवारिक इतिहास के तौर पर माइग्रेन की समस्या देखी जाती है। ऐसा देखा गया है इन परिवरो में पैदा होने वाले बच्चो को एक खांस उम्र में जाकर माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है।

7. आँखो से पानी बहना

माइग्रेन के कुछ लक्षणों मे से एक नाक और आँख से पानी बहना भी है। अगर आपको भी लगातार आँख और नाक से पानी बहने की समस्या है तो आपको माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आँखो में दर्द भी रह सकता है।

Natural Remedy for Migraine in Hindi

हमारा शरीर बहुत ही उत्तम रक्षात्मक मशीनरी है जब भी हम शरीर संबंधित गलत आदतों को अपनाते है जैसे पर्याप्त खाना नहीं खाते है या पानी नहीं पीते है, कम नींद लेते है, ऐसे में शरीर की तरफ से पहला संकेत सिरदर्द के रूप में मिलता है, इस संकेत की आप उपेक्षा नहीं कर सकते है। Read Natural Remedy for Migraine in Hindi (Sar Dard ka Gharelu Upchar)

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Natural Remedy for Migraine in Hindi

(Sar Dard ka Gharelu Upchar)

1. पर्याप्त पानी पीएं (Drink Lots of Water for Headache)

जब शरीर में पानी की कमी होती है तो शरीर की मेटाबॉलिक क्रियाएँ प्रभावित होती है तथा सिरदर्द की समस्या शुरू हो जाती है जब भी आपको सिरदर्द की समस्या हो पर्याप्त पानी पीएं, संभव हो तो गुनगुना पानी पीएं।

2. घी का प्रयोग करें (Apply Ghee in Headache)

घी तथा मक्खन सिरदर्द के उपचार में महत्वपूर्ण चिकित्सा है। रोज गरम चावल में थोड़ा सा घी मिलाकर खाएं, अगर कब्ज के कारण सिरदर्द है तो घी का उपयोग करने से आपकी लम्बे समय तक रहने वाले सिरदर्द से राहत मिलेगी।

3. आवश्यक तेलों से मसाज (Have Oil Head Massage in Headache)

अनेक प्रकार के तेल जैसे लेवन्डर, पिपरमिन्ट आदि से मसाज करने से राहत मिलती है तथा सिरदर्द व टेन्शन दूर होते है। उपरोक्त तेलों में से किसी भी तेल की कुछ बूंदे अंगुलियों पर लेकर इसे त्वचा पर रगड़े, ललाट, गाल व गर्दन पर लगाए। इसके बाद ठण्डे बंद अंधेरे कमरे में कुछ देर के लिए लेट जाएं तथा आँखे बंद करके इन सुगंधित तेलों की खुशबू ले, इससे सिरदर्द में बहुत राहत मिलेगी।

4. साँस लेना (Take Deep Breath in Headache)

अनेक प्रकार के सिरदर्द, शोर शराबे, भीड़-भाड़ तथा नाक से संबंधित बिमारियों जैसे साइनस से संबंधित होते है। ऐसे मामलों में आवश्यक तेलों की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर अपने रूमाल पर रखकर सूंघे तथा तेज सांस लें।

5. चन्दन (Sandalwood for Headache)

चन्दन में भरपूर मात्रा में प्राकृतिक तत्व होते है। जब भी आपको सिरदर्द हो, चन्दन में पानी की कुछ बूंदे मिलाकर ललाट पर लगाए तथा सुखने तक कुछ मिनट रखें। उसके बाद पानी से धो लें।

6. अदरक (Ginger for Headache)

अदरक में अनेक प्राकृतिक तत्व होते है। अदरक सिरदर्द में भी बहुत उपयोगी होते है। अदरक में पाए जाने वाला volatile oil में दर्दनाशक शक्ति होती है। एक अदरक का टुकड़ा लेकर उसे गर्म पानी में उबालें एवं छान कर पी लें। उससे सिरदर्द की तीव्रता कम हो जाती है।

7. कसरत (Exercise for Headache)

सिरदर्द सिर में होने के साथ-साथ गर्दन, कंधे, खोपड़ी में भी होता है। कुछ आसान कसरत करके सिरदर्द की तीव्रता कम की जा सकती है। अपने ठोडी को ऊपर-नीचे करें, दाँए-बाँए घुमाएँ गर्दन को कंधों तक ले जाकर घुमाएं।

8. ग्रीन टी (Have Green Tea in Headache)

एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाएं जाते है। ग्रीन टी सिरदर्द की सर्वश्रेष्ठ दवा है। कुछ ग्रीन टी की पत्तियाँ लेकर ज्यूस निकाले और इसमें नींबू मिलाएँ और गर्मागर्म पी जाएं।

9. स्वस्थ जीवनचर्या अपनाएँ (Healthy Lifestyle)

सिरदर्द का मुख्य कारण आज की जीवनशैली है। इसलिए सिरदर्द दूर करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ। खाना समय पर खाएँ। कम से कम आठ घंटे की नींद निकालें। नियमित कसरत करें।

Remedy for Migraine in Hindi

दालचीनी उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक औषधि है जो मितली, उल्टी, जी मचलना, प्रकाश के प्रति संवेदनशील, नींद न आना तथा किसी भी कार्य में एकाग्रता नहीं रख पाते है। ये सारे माइग्रेन के स्वाभाविक लक्षण है, नीचे कुछ प्राकृतिक तरीके दिए गए है जो माइग्रेन के उपचार में उपयोगी है। Read Remedy for Migraine in Hindi (Migraine ka Natural Upchar)

Migraine Treatment in Hindi

Remedy for Migraine in Hindi

(Migraine ka Natural Upchar)

1. पिपरमेंट ऑइल (Peppermint Oil for Migraine)

पिपरमेंट पत्तियों में वोलेटाइल ऑइल होता है। यह मेंथॉल से बनती है। जब आपको माइग्रेन का दौरा पड़े तो पिपरमेन्ट के तेल की कुछ बूंदे लेकर सिर व ललाट पर लगाए, कानों के पीछे, गले पर हल्के-हल्के मालिश करें, आप पिपरमेंट की कुछ बूंदे गमर पानी में मिलाकर सूंघ भी सकते है।

2. अदरक (Ginger for Migraine)

अदरक माइग्रेन के स्वाभाविक लक्षणों जैसे मितली, उल्टी होना आदि से तुरन्त राहत प्रदान करता है। अदरक को धोकर इसे टुकड़ों में काटकर एक कप पानी में 15 मिनिट तक उबालें तथा इस अदरक वाली चाय में कुछ बूंदे शहद या नींबू का रस मिलाकर पीएं।

3. कॉफ़ी (Coffee for Migraine)

बहुत से व्यक्ति सिरदर्द होने पर स्ट्रोंग कॉफ़ी पीते है। क्योंकि कॉफ़ी में पाया जाने वाला कैफीन एडीनोसाइन का प्रभाव कम करता है। एडीनोसाइन की माइग्रेन में मुख्य भूमिका है। बहुत से व्यक्ति जो कॉफ़ी नहीं पीते है वे इसके स्थान पर चाय या कोला पीते है, ये सारे पेय माइग्रेन को कम करते है।

4. धनिया (Coriander for Migraine)

धनिया मसाले के रूप में काम में लिया जाता है। यह पाचन को ठीक रखता है। प्राचीन काल में इसका उपयोग माइग्रेन के उपचार में किया जाता है। 2 कप पानी को उबालकर इसमें एक चम्मच धनिये के बीज डाले तथा इसे 15 मिनट तक उबालकर छाल ले, इसमें थोड़ी शक्कर मिलाए एवं पी जाए।

5. लेवेन्डर ऑइल (Lavender Oil for Migraine)

अपनी खुशबू के साथ साथ लेवेन्डर ऑइल तनाव कम करने तथा मस्तिष्क को शांत तथा ठण्डा रखने का काम भी करता है। अपने आप लेवेन्डर ऑइल की कुछ बूंदे अपने ललाट पर भी लगा सकते है, परन्तु नारियल तेल अधिक उचित विकल्प है क्योंकि लेवेन्डर ऑइल त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है।

6. आयुर्वेदिक उपचार (Ayurveda Treatment for Migraine)

आयुर्वेद के अनुसार हर्बल औषधियाँ अनेक समस्याओं में लाभदायक है। कुछ हर्बल औषधियों में ब्राह्मी, जटा मानसी, शंखपुष्पी तथा अश्वगंधा प्रमुख है। परन्तु उत्तम परिणाम के लिए इन्हें किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर के परामर्श के बाद ही लें।

माइग्रेन के दर्द का उपचार बहुत मुश्किल है। इसलिए यह आवश्यक है कि इसका प्रारम्भिक अवस्था में ही उपचार कर लिया जाए, इसके लिए अपने आहार को सही रखे, तनाव कम करें, मासिक चक्र नियमित रखें, शारीरिक स्थिति सही हो, ऐसा करके माइग्रेन के शुरूआती लक्षणों पर नियंत्रण रखा जा सकता है।

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