Cold and Flu

Remedies to Open Stuffy Nose in Hindi

सर्दी का मौसम हो या बेमौसम सर्दी हो, नाक बंद की समस्या हर किसी के साथ होती है। असली समस्या तो तब होती है, जब नाक आसानी से नहीं खुलती और बंद नाक की वजह से आपको घुटन होने लगती है। इस समय बंद नाक सबसे गंभीर समस्या लगने लगती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि हम आपको बंद नाक खोलने के कुछ आसान उपाय बता रहे हैं। Read sardi jukam ka ilaj gharelu upay gharelu nuskhe, sardi ka ilaj, sardi ka gharelu ilaj, jukam ke gharelu nuske,

Remedies to Open Stuffy NoseRemedies to Open Stuffy Nose in Hindi

(Band Naak ko Kholne ke Upaye)

1. भाप लेना (Steam Therapy to Open for Stuffy Nose)

यह बंद नाक खोलने का काफी पुराना और प्रभावकारी तरीका है, जो आपको तुरंत राहत देता है। इसके लिए आपको पानी गर्म करके किसी बर्तन में निकलना है और उस गरम पानी में खुशबूदार तेल जिसकी आपको महक पसंद हो उसकी कुछ बूंदे डालनी हैं। इसके अलावा आप इसमें iodine की कुछ बूंदें या फिर Vicks capsule भी डाल सकते हैं। अब इस बर्तन की ओर अपना चेहरा करके भाप लें। यह नाक खोलने के साथ साथ सर्दी में भी आराम देगा।

2. नाक खोलने का व्यायाम (Exercise to Open Stuffy Nose)

बंद नाक खोलने का एक और आसान तरीका है एक छोटा सा व्यायाम। इसके लिए आपको नाक बंद करके सिर को पीछे की ओर झुकाना है और कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखना है। इसके बाद नाक खुल जाएगी औऱ सास लेने में आसानी होगी। इस तरीके को आप हर थोड़ी देर में दोहरा सकते हैं।

3. गरम पानी (Warm Water Therapy to Open Stuffy Nose)

ठंड या सर्दी की वजह से नाक बंद होने की समस्या होती है। इसे ठीक करने के लिए हल्का सा गर्म या गुनगुना पानी आपकी बहुत मदद कर सकता है। अगर आप सहज हैं तो इसके लिए सिर को पीछे की ओर झुकाएं और किसी droper की मदद से नाक के छिद्रों में हल्के गर्म या गुनगुने पानी की कुछ बूंदे डालें। कुछ ही देर में वापस सिर आगे कर लें और इस पानी को निकाल दें।

 

4. नारियल तेल (Coconut Oil to Open Stuffy Nose)

नारियल तेल (coconut oil) बंद नाक को खोलने का एक बेहतरीन उपाय है। जब कभी आपकी नाक बंद हो जाए, तो नारियल के तेल (coconut oil) को अंगुली से नाक के अंदर तक लगाएं। या फिर नाक में नरियल तेल (coconut oil) की कुछ बूंदे डालें और फिर गहरी सांस लें। कुछ ही देर में नाक खुल जाएगी। ध्यान रहे की नारियल तेल (coconut oil) पिघला हुआ हो।

 

5. कपूर (Camphor to Open Stuffy Nose)

कपूर (Camphor) की महक भी बंद नाक को खोलने का अच्छा तरीका है। आप चाहें तो कपूर को नारियल तेल (coconut oil) के साथ मिलाकर हर थोड़ी देर में सूंघ सकते रहे, या फिर सादा कपूर सूंघना भी आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। इसके अलावा नाक को गर्माहट देकर भी आसानी से बंद नाक को खोल जा सकता है।

Image Source

चाय पीने के है कई फायदे

हल्दी के फायदे

गुड़ के फायदे और नुकसान –

Natural Treatment For Bronchitis In Hindi

ब्रोंकाइटिस एक साँस सम्बन्धित समस्या है। ज्यादातर यह समस्या सर्दियों के मौसम में होती है। इस समस्या से निपटने के लिए आसान व घरेलू नुस्खों की मदद ले सकते हैं।घरेलु प्राकृतिक नुस्खे अपनाकर आप श्वसन संबंधी बिमारियों से राहत पा सकते है। Read natural treatment for bronchitis in hindi (Bronchitis Ka Upchar).

Bronchitis Ka Upchar

Natural Treatment For Bronchitis In Hindi

(Bronchitis Ka Upchar)

  • एक चुटकी हल्दी पाउडर लेकर उसमे में कुछ शक्कर मिलाए अब इस मिश्रण को एक गिलास दूध में मिलाकर ले फिर इसे 10-15 मिनट तक उबालकर ठंडा होने दे, फिर इसको पिले, यह श्वसन संबंधित समस्याओं में बहुत उपयोगी है।
  • मुलेठी का एक टुकड़ा लेकर इसे चबाए, उत्तम परिणाम के लिए आप मुलेठी की छाल लेकर इसे पानी में उबाले।
  • गहराई से सांस लेने से गर्म हवा तथा नर्म हवा नाक, गले से होकर फेफड़ो तक पहुंचती है। इससे नाक के छिद्र खुलते है एवं साइनस की समस्या नहीं होती है।
  • सोया के बीज सांस संबंधित बिमारियों जैसे- सर्दी जुखाम आदि में बहुत ही फायदेमंद है।
  • पांच बून्द लोंग के तेल एवं कुछे बून्द शहद तथा अदरक के रस को मिलाए, इस मिश्रण को रात को सोने से पहले लेवे। यह पीड़ादायक खांसी तथा श्वास संबंधित बिमारियों में तुरन्त राहत देता है।
  • यह श्वसन संबंधित इन्फेक्शन तथा बिमारियों की प्रारम्भिक अवस्था में बहुत असरकारक है। मेथीदाना चाय दिन में 4 कप अवश्य पिए।
  • तुलसी की पत्तियों को शहद तथा अदरक के साथ श्वास रोगो के लिए प्राकृतिक चिकित्सा माना गया है।
  • सदियों से प्याज के रस का उपयोग श्वास सबंधित रोगों के लिए होता आ रहा है, इसके लिए सुबह उठकर कच्चे प्याज का रस कुछ दिनों तक रोज पीना चाहिए।
  • एक कप अलसी के बीजो को पीसकर इसमें कुछ मात्रा में पानी मिलाकर पेस्ट बनाए, इस पेस्ट को छाती के ऊपर तथा नीचे के भाग पर लगाकर मालिश करे। इससे श्वास रोगों में राहत मिलती है।
Image Source

Tips To Reduce Body Heat In Hindi

हर व्यक्ति के शरीर का तापमान अलग अलग हो सकता है। शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री के करीब होना चाहिए, पर कई बार शारीरिक समस्याओं की वजह से शरीर का तापमान कम या ज्यादा हो सकता है। मौसम में बदलाव से भी शरीर का तापमान प्रभावित होता है। बुखार होने पर आपके शरीर के तापमान में वृद्धि महसूस होगी। यहाँ शरीर के बढे हुए तापमान को कम करने के तरीके बताये जा रहे हैं। Read Tips to reduce Body Heat in hindi (Body Heat Kam Karne ke Tips).

Body Heat Kam Karne ke Tips

Tips To Reduce Body Heat In Hindi

शरीर की गर्मी दूर करने के उपचार (Body Heat Kam Karne ke Tips)

हनी डिऊ मेलन (Honey dew melon to reduce body heat)

यह फल शरीर में ताजगी और पोषण प्रदान करता है। इसका सेवन करने से शरीर के तापमान में कमी आती है और गर्मी को कम कर सकते हैं। यह गर्मियों के मौसम में खाया जाता है। आप इसका नाश्ते के समय सेवन करके स्वस्थ जीवन बिता सकते हैं।

पुदीना (Mint to Reduce Body Heat)

हर मौसम में पुदीने से होने वाले फायदों के बारे में पता ही होगा। शरीर की गर्मी दूर करने के आसान उपचार लिए, पुदीने के पत्तों तथा इससे निकलने वाले रस से शरीर को आफी ठंडक मिलती है। गर्मियों के दिनों में अगर शरीर का तापमान बढ़ जाए तो पुदीने की पत्तियों से चाय बनाकर पियें और तरोताजा हो जाएं।

तिल (Sesame to Reduce Body Heat)

तिल आसानी से घर पर ही उपलब्ध होता है। यह शरीर की गर्मी दूर करने का आसान उपचार हैं। शरीर का तापमान कम करने में मदद करता है। तिल के कुछ बीजों को पानी में भिगोकर रखें फिर  बाद में इस पानी को पियें यह आपके शरीर को ठंडक प्रदान करेगा। इसे पीसकर इसका पेस्ट बना सकते हैं। थोड़े से नमक के साथ इस पेस्ट का सेवन करें।

नारियल पानी (Coconut water to Reduce Body Heat)

नारियल पानी गर्मियों के मौसम में शरीर के तापमान में काफी गिरावट कारता है। नारियल पानी से गर्मियों में पैदा होने वाली तमाम समस्याओं का सामना आसानी से कर सकते हैं। नारियल पानी काफी स्वादिष्ट होता है और बिना कुछ सोचे इसका सेवन कर सकते हैं।

खसखस के बीज (Poppy seeds to Reduce Body Heat)

खसखस के बीज भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं। मुट्ठीभर खसखस के दानों को पानी में भिगो कर रखे और इसे पी लें। इससे शरीर के तापमान को काबू में रखने में सहायता मिलेगी।

ठंडा दूध (Cold Milk to Reduce Body Heat)

दूध एक सम्पूर्ण आहार है जिसमें पोषक पदार्थ होते हैं। ठन्डे दूध का सेवन करके शरीर के तापमान को काम किया जा सकता हैं। अगर गर्मियों के दिनों में शरीर की गर्मी से निजात पाना हैं तो ठंडा दूध सर्वश्रेष्ठ उपचार है।

अनार (Pomegranate to Reduce Body Heat)

अनार आयरन (iron) से भरपूर होता है। गर्मियों के दिन में थकान का अनुभव कर रहे हैं और शरीर के तापमान में भी बढ़त हो रही है तो अनार का फल और इसका रस लें। रोज एक गिलास अनार का रस पीने से शरीर का तापमान काबू में रहता है। इससे ठंडक प्राप्त  होगी और शरीर की गर्मी भी प्राकृतिक रूप से कम हो जायगी।

सौंफ के बीज (Fennel Seeds to Reduce Body Heat)

सौंफ में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और स्वस्थ बनाए रखने के गुण होते हैं। एक मुट्ठी सौंफ को पानी में भिगो लें। इसे रातभर भीगने दें फिर सुबह उठते ही पानी में से सौंफ को अलग कर लें। सौंफ के इस रस का सेवन करें। शरीर को ठंडक पहुचाने के लिए हर सुबह सौंफ के रस का सेवन करें।

क्या न करें (Don’ts)

  • अपने आप को ज्यादा कार्य करने के लिए प्रेरित न करें
  • गर्म भोजन लेने के लिए प्रेरित न हों
  • गर्म, तेल में तला हुये भोजन से बचें
  • ज्यादातर मांसाहारी भोजन से बचें
  • मिर्च, अचार खाने से बचें
  • सोडियम की मात्रा को लेना कम करें

क्या करें (Do’s)

  • सुबह के समय टहलने या तैराकी करें
  • ध्यान के अलावा मानसिक शांति के लिए व्यायाम और योग करें
  • बहुत सारे छोटे किये हुए सलाद के साथ फल का उपभोग करें
  • बहुत सारे पानी और जूस का सेवन करें
  • मक्खन दूध, खीरा, लौकी, दही, खरबूजा, पत्तेदार सब्जियां और कई फल को ले
  • सूती कपड़ों का प्रयोग करें
  • ठंडा दूध लें
  • एक दिन 2 से 3 बार स्नान करें
  • सर्द दूध के साथ, सामान्य पानी में भरी हुई तुलसी के बीज को लेना शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता हैं
  • नींबू पानी ले (चीनी के साथ नींबू रस)

अगर रोज इस प्रकार की दिनचर्या को अपनाया जाये, तो शरीर की गर्मी की समस्या सुलझा ली जा सकती है।

Image Source

Remedies for Cold and Cough in Hindi

मौसम बदलता है और आप को सर्दी जुकाम बुखार हो जाता है. यह एक आम समस्या है। पहले छींके आने लगती है और फिर यह वाइरल इन्फेक्षन आगे बढ़ता है। म्यूकस का उत्पादन ज़्यादा हो जाता है जिस के कारण नाक बाँध होना, ज़्यादा पानी बहना नाक में से और फिर बाद में खाँसी होना इस के लक्षण है। आइए जानते है इनके कुछ घरेलू उपचार। Read Remedies for Cold and Cough in Hindi (Sardi Khasi Jukham ka Upchar).

common-cold-facts.jpg.662x0_q70_crop-scale

Remedies for Cold and Cough in Hindi

(Sardi Khasi Jukham ka Upchar)

दालचीनी सर्दी का फायदेमंद उपचार(Cinnamon For Cold):

  • दालचीनी एक उच्च स्वाद लिया हुआ मसाला है जो भारतीय खाने में इस्तेमाल होता है।
  • दालचीनी के एन्टी बैक्टेरियल और प्राकृतिक गरमाहट वाले गुण खराब गले, ज़ुकाम और कफ़ के इलाज मे मदद करते हैं।
  • दालचीनी की चाय का एक गर्म प्याला गले की खराश व खुजली को ठीक कर सकता है और जुकाम होने के आसार को रोक सकता है। ¼ चम्मच ताजा कुटी दालचीनी में आधा चम्मच शहद मिलाएँ व 3 दिन तक दिन में 2-3 बार ले।

गले की खिच खिच को दूर करे शहद से(Honey For Throat Irritation):

  • शहद प्रकृति का एक सबसे अच्छा तोहफा है जिसका उपयोग मानव ने सभ्यता की शुरूआत से किया है।
  • शहद के एन्टी-ऑक्सीडेंट व एन्टी-माइक्र्रोबल गुण खांसी में राहत देने में सहायक है।
  • ये नवजात शिशुओं की खांसी का इलाज करता है और व्यवधान रहित नींद दिलाता है।
  • शहद गले के ऊपर परत बनाकर उसकी संवेदनशीलता को भी कम करने में मदद करता है।
  • खाँसी में राहत के लिए 1 चम्मच शहद व 1 चम्मच नींबू के रस को 1 कप गर्म पानी में मिलाएँ व धीरे धीरे पिएँ।

Remedies For Cough and Cold in Hindi

सर्दियों के मौसम में सर्दी या जुकाम का होना एक आम बात हो जाती है। वातावरण में मौजूद वायरस, बदलते हुए मौसम में काफी सक्रिय हो जाते है, जिसके कारण जुकाम या सांस लेने की अन्य बीमारियां होती है। Read Home remedies for Cough and Cold in Hindi (Sardi Jukham Ka Gharelu Upchar).

Sardi Jukham Ka Gharelu Upchar

Image Source

Remedies For Cough and Cold in Hindi

(Sardi Jukham Ka Gharelu Upchar)

आइए जानते हे सर्दी जुकाम से बचने के आसान घरेलू टिप्स और तरीके:-

लहसुन से(Garlic):

  • जब बात जुकाम व बुखार से प्राकृतिक रूप से लड़ने की हो तो शायद लहसुन से बेहतर कोई इलाज नहीं है।
  • अपने एन्टीबैक्टेरियल, एन्टीफन्गल, एन्टी वायरल और एन्टीप्रोटोजोयल गुणों के लिए जाना जाने वाला लहसुन फेफड़ों को अवरूध करने वाले कफ ओैर म्युकस से छुटकारा दिलाता है।
  • जुकाम ठीक करने के लिए लहसुन की 5 या 6 कलियों को पीस कर कच्चा खा लें।
  • इसे एक कप दही के साथ मिला कर भी खा सकते हैं।

अदरक से(Ginger):

  • अदरक आयुर्वेदिक इलाज की एक महत्वपूर्ण दवाई है और इसे सदियों से कई बिमारियों को ठीक करने के काम में लिया जाता रहा है।
  • यह श्वास नली के इन्फेक्शन, कोनिकल कफ व ब्रोंकाइटिस का इलाज करने में सहायक है।
  • एक बर्तन में पानी उबालें उसमें एक ताजा अदरक का टुकड़ा कसें। इसमें 2 चम्मच और नींबू का रस व 1 चम्मच शहद मिलाकर स्वादिष्ट अदरक की चाय बनाये और इस मजेदार पेय का आराम से आंनद लें।

Remedies to Stop Sneezing in Hindi

छींक (सनीज़िंग) को हम एक सामान्य क्रिया मानते है। यह प्रायः तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से परेशानी महसूस करती है। वैसे तो 2 या 3 छींक आना सामानया है, लेकिन अगर आपको एक साथ कई छींक रोज़ाना और इतनी आती है की आप परेशन हो जाते है तो आपको और ध्यान देने की ज़रूरत है। Read Remedies to Stop Sneezing in Hindi (Cheenk Ko Rokne ke Upaye).

kvef

छींक आने के कई कारण हो सकते है जेसे- धुआ, धूल मिट्टी या किसी चीज़ की तेज गंध। इसके अलावा ठंड के मौसम में, नमी या तापमान में गिरावट, किसी खाने से एलर्जी या फिर किसी दवाई के रिएक्शन से भी छींक आने लगती है। आइए जानते है इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे।

Remedies to Stop Sneezing in Hindi

सनीज़िंग की समस्या को दूर करने के लिए घरेलू उपाय

(Cheenk Ko Rokne ke Upaye)

1. पेपरमिंट ऑइल (Pepper Mint Oil to Stop Sneezing)

छींक की समस्या से बचने के लिए पेपरमिंट ऑइल बहुत ही बढ़िया उपाय है। पेपर्मिंट ऑइल में आंटी-बॅक्टीरियल गुण मौजूद होते है। समस्या होने पर किसी बड़े बर्तन में  पानी को उबालकर उसमे ऑइल ऑइल की बूंदे डाले। एक तोलिये से सर को धक कर इस पानी की भाप ले। इस उपाय से आपको छींक आने से राहत मिलेगी।

2. सौंफ की चाय (Fennel Seeds to Stop Sneezing)

छींकने से राहत देने के साथ ही सौंफ कई साँस संबंधी समस्या से लड़ने की क्षमता रखती है। समस्या होने पर एक कप पानी में 2 चम्मच सौंफ को कुचलकर उबले। तकरीबन 10 मिनिट पानी को कवर करके रख दे और उसके बाद छानकर इस चाय को दिन में 2 बार पिए।

3. Chamomile Tea (Chamomile Tea to Stop Sneezing)

एलर्जी की समस्या के कारण आने वाली छींक को भागने के लिए Chamomile Tea बहुत अच्छा काम करती है। समस्या होने पर उबलते हुए पानी में एक चम्मच Chamomile के सूखे फूल को मिलाकर कुछ देर तक उबलने दे और फिर इसमे एक चम्मच शहद मिला दे। इसके बाद पानी निकालकर दिन में 2 बार इसे पिए।

4. काली मिर्च (Black Pepper to Stop Sneezing)

छींक को रोकने में आप काली मिर्च का भी प्रयोग कर सकते है। गुनगुने पानी में  आधा चम्मच काली मिर्च डालकर दिन में 2 से 3 बार पिए। काली मिर्च का पाउडर डालकर गरारे भी कर सकते है। इसके अलावा सूप और सलाद आदि में भी काली मिर्च डालकर इस्तेमाल कर सकते है।

5. अदरक (Ginger to Stop Sneezing)

छींकने और विभिन्न तरह के viral और नाक की अन्य समस्याओ को रोकने के लिए अदरक पीढ़ियो से प्रयोग की जाने वाली प्रभावी दवाई है। एक कप पानी में थोड़ा सा अदरक डालकर उबले। इसे गुनगुना होने पर शहद मिलाकर पिए। इसके अलावा कच्चा अदरक या अदरक की चाय भी पी जा सकती है।

उपर आपने जाने छींक को दूर करने के लिए आसान घरेलू उपाय। इनकी मदद से आप अपने आप को अनेको परेशानी से दूर कर सकते है।

 

Benefits of Tulsi for Sinus in Hindi

अत्यधिक भीड़-भाड़ से तथा अन्य कारणों से चेहरे, सिर तथा नाक के आस-पास के भागों में तीव्र पीड़ा उत्पन्न होती है। यहाँ तक कि सिर हिलाने में भी पीड़ा का अनुभव होता है। यह समस्या सर्दियों में अधिक होती है। यह शरीर के अंगों में जलन के कारण होती है। यह गालों, भौंहों आदि पर अधिक होती है। इसकी बाजार में अनेक दवाईयाँ भी उपलब्ध है। परन्तु प्राकृतिक नुस्खों को अपनाकर आप साइनस की समस्या से छुटकारा पा सकते है। तुलसी इसके उपचार के लिए सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक औषधि है। Read Benefits of Tulsi for Sinus in Hindi (Sinus ke Liye Tulsi ke Fayde).

 

Tulsi for Sinus in Hindi

Benefits of Tulsi for Sinus in Hindi

तुलसी की उपयोगिता (Sinus ke Liye Tulsi ke Fayde)

 

  • तुलसी की प्रकृति जीवाणुनाशक व फफुंद नाशक की होती है।
  • यह खांसी तथा जुकाम के उपचार में अतिलाभदायक है।
  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करती है।
  • यह विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से रक्षा करती है।
  • एलर्जी से बचाती है।
  • यह साइनस संबंधित समस्याओं को दूर करती है।

 

इसका प्रयोग कैसे करें (How to Use Tulsi for Sinus)

तुलसी की 10 पत्तियाँ लेकर इन्हें अच्छे से धोएं। इसमें 10 कालीमिर्च के दाने और अदरक का छोटा सा टुकड़ा मिलाएं। सारे मिश्रण को पीसकर पेस्ट बना लें। 250 मिली. पानी में इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि यह पानी आधा न रह जाए। अब मिश्रण को गैस से उतारकर छान लें एवं इसमें शक्कर मिलाएं। चाय पीने के 2 घण्टे बाद ही नहाएं।

Bronchitis Treatment in Hindi

श्वसन संबंधी बिमारियाँ फेफड़ो पर प्रभाव डालती है इनका तुरन्त उपचार कराना आवश्यक है, घरेलु प्राकृतिक नुस्खे अपनाकर आप श्वसन संबंधी बिमारियों से राहत पा सकते है। Read Bronchitis Treatment in Hindi (Bronchitis ka Gharelu Upchar).

Bronchitis ka Gharelu Upchar in Hindi

Bronchitis Treatment in Hindi

(Bronchitis ka Gharelu Upchar)

1. हल्दी का दूध (Turmeric Milk for Bronchitis)

हल्दी में पाए जाने वाले एन्टीसेप्टिक तत्व श्वसन संबंधी बिमारियों से राहत देती है। एक चुटकी हल्दी के पाउडर में कुछ शक्कर मिलाए अब इस मिश्रण को एक गिलास दूध में मिलाकर 10-15 मिनट तक उबाले तथा ठण्डा होकर पी ले, यह श्वसन संबंधित समस्याओं में बहुत उपयोगी है।

2. मुलेठी (Mulethi for Bronchitis)

मुलेठी श्वास नलिकाओं में होने वाली जलन को कम करती है। मुलेठी का एक टुकड़ा लेकर इसे चबाए, उत्तम परिणाम के लिए आप मुलेठी की छाल लेकर इसे पानी में उबाले।

3. गहराई से सांस लेना (Take a Deep Breath in Bronchitis)

गहराई से सांस लेना ऐसी विधि है जिसमें गर्म हवा तथा नर्म हवा नाक तथा गले से होकर फेफड़ो तक पहुंचती है। इससे नाक के छिद्र खुलते है एवं साइनस की समस्या नहीं होती है। यह विधि आप आसानी से कर सकते है। इसके लिए आप तुलसी की पत्तियां, लोंग और रोजमेरी का तेल लेकर पानी में मिलाये और इस मिश्रण को सुंघे। सांस संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिये ऐसा दिन में दो बार करे।

4. सोया बीज (Soya Seeds for Bronchitis)

सोया बीज की प्रकृति जलननाशक होती है। यह जलन के विरूद्ध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। सोया के बीज सांस संबंधित बिमारियों जैसे- सर्दी जुखाम आदि में बहुत असरकारक है।

5. लोंग, शहद तथा अदरक (Clove, Honey and Ginger for Bronchitis)

लोंग श्वसन संबंधित अनेक बिमारियों में लाभदायक है। पांच बून्द लोंग के तेल एवं कुछे बून्द शहद तथा अदरक के रस को मिलाए, इस मिश्रण को रात को सोने से पहले लेवे। यह पीड़ादायक खांसी तथा श्वास संबंधित बिमारियों में तुरन्त राहत देता है।

6. मेथीदाना की चाय (Fenugreek Seeds Teat for Bronchitis)

यह श्वसन संबंधित इन्फेक्शन तथा बिमारियों की प्रारम्भिक अवस्था में बहुत असरकारक है। मेथीदाना चाय दिन में 4 कप अवश्य पिए।

7. तुलसी की पत्तियाँ (Basil Leaves for Bronchitis)

तुलसी की पत्तियों में प्राकृतिक जीवाणु रहित व जलन नाशक अनेक तत्व पाए जाते है। तुलसी की पत्तियों को शहद तथा अदरक के साथ श्वास रोगो के लिए प्राकृतिक चिकित्सा माना गया है।

8. प्याज का रस (Onion Juice for Bronchitis)

सदियों से प्याज के रस का उपयोग श्वास रोगों में होता आ रहा है, इसके लिए सुबह उठकर कच्चे प्याज का रस कुछ दिनों तक रोज पिए।

9. अलसी (Flax Seeds for Bronchitis)

अलसी में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फेटी ऐसिड जलननाशक है जिसका उपयोग श्वास संबंधित रोगो में किया जाता है। एक कप अलसी के बीजो को पीसकर इसमें कुछ मात्रा में पानी मिलाकर पेस्ट बनाए, इस पेस्ट को छाती के ऊपर तथा नीचे के भाग पर लगाकर मालिश करे। इससे श्वास रोगों में राहत मिलती है।

Allergy and Cough Treatment in Hindi

एलर्जी से होने वाली खांसी, धूल, प्रदूषण, मौसम तथा अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थों से होती है। जब यह एलर्जी शरीर में पहुँचती है तो गले, नाक, श्वसन नलिकाओं तथा फेफड़ो पर तुरन्त असर डालती है। एलर्जी वाली खांसी से बचने के लिए कुछ आसान घरेलु नुस्खे दिए गए है। Read Allergy and Cough Treatment in Hindi (Allergy Wali Khasi ka Upchar)

Khasi Ke Liye Upchar in Hindi

Allergy and Cough Treatment in Hindi

(Allergy Wali Khasi ka Upchar)

1. पाइनेपल (Pineapple for Allergy and Cough)

कुछ लोगों को पाइनेपल खाने या इसका रस पीने से गले में एनर्जी होने लगती है परन्तु दूसरे रूप में पाइनेपल नामक यह फल एलर्जी वाली खांसी में बहुत उपयोगी है। इस फल में जलन नाशक तत्व होते है जो श्वास नलिकाओं में होने वाली जलन तथा एलर्जी वाली खांसी में लाभदायक है।

2. प्रोबायोटिस (Pro biotics for Allergy and Cough)

दूध तथा दूध से बने हुए उत्पाद जैसे- दही, चीज आदि में जिवाणु होते है जो पाचन में सुधार करते है। यह अनेक प्रकार से होने वाली एलर्जी से बचाती है।

3. तुलसी (Basil Leaves for Allergy and Cough)

तुलसी में एन्टीऑक्सीडेन्ट तत्व होते है, जो एलर्जी वाली खांसी से बचाती है। तुलसी व अदरक मिलाकर रस बनाए। अब इसमें 3 चम्मच शहद मिलाए। इस मिश्रण को दिन में तीन बार ले।

4. गाजर व चुकन्दर का रस (Carrot and Beetroot for Allergy and Cough)

चुकन्दर, गाजर व ककड़ी में एन्टीऑक्सीडेंट तत्व होते है। इसका घरेलु नुस्खा बनाने के लिए 250 मिलीलीटर गाजर का रस तथा 100 मिलीलीटर ककड़ी तथा चुकन्दर का रस मिलाए, इन सबको अच्छे से मिलाए तथा पी जाएं यह एलर्जी वाली खांसी में लाभदायक है।

5. शहद तथा निम्बू (Honey and Lemon for Allergy and Cough)

निम्बू तथा शहद में जिवाणु रहित तत्व होते हैं। यह एलर्जी से लड़ने में भी लाभदायक है। एक गिलास गरम पानी में आधा निम्बू निचोड़े तथा इसमें आधा चम्मच शहद मिलाए, इसे हर सुबह खाली पेट पीए, यह एलर्जी वाली खांसी में तुरन्त राहत देता है।

6. अश्वगंधा (Ashwagandha for Allergy and Cough)

अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है तथा शरीर को तनाव से राहत प्रदान करता है। यह तनाव से उत्पन्न होने वाली एलर्जी वाली खाँसी में राहत देता है।

Mint for Asthma and Cough in Hindi

खाने में स्वादिष्ट पुदीना के कई फायदे हैं। पुदीने में कई औषधीय गुण होते हैं।  मिंट / पुदीना एक अच्छा माउथफ्रेशनर भी है। बसरत हो या गर्मी, पुदीना स्वाद और सौंदर्य देने वाली अहम प्राकृतिक बूटी है। यह पूरे साल मिलने वाली खूबसूरत औष्दी है। जो कई प्रकार के रोग से इंसान के शरीर को बचाती है। आइये इस लेख में हम आपको बताते हैं पुदीने के कुछ ऐसे ही लाजवाब गुणों के बारे में। Read Mint for Asthma and Cough in Hindi (Pudina Asthma and Cough ke Liye).

Pudine ke adbhut gun asthma ke liye in Hindi

Mint for Asthma and Cough in Hindi

(Pudina Asthma and Cough ke Liye)

1. पुदीने के रस की एक बुंद गरम पानी में डाले तथा इसकी गंध को मुंह के द्वारा अन्दर खींचे एवं नाक से बाहर निकाले। इस तरह से पुदीने की गंध आपके गले एवं नाक से होकर गुजरेगी जिससे इन दोनों जगह पर आराम मिलेगा।

2. पुदीने में स्थित सूजनरोधी गुण रोगी को गले एवं श्वसननलिका की सूजन को कम करके आराम प्रदान कर सकते है।

3. पुदीने की चाय पीना भी एक बेहतरीन ईलाज है। यह मिश्रण न केवल आपको जल्दी स्वस्थ बनायेगा बल्कि आपकी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ायेगा।

4. अगर आप अक्सर सर्दी और खांसी या अस्थमा से पीडि़त रहते है तब पुदीने का एक पौधा कमरे की खिड़की के बाहर लगाए।

Load More ...