Mental Health

How To Get Rid Of Stress In Hindi

तनाव स्थितियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। परन्तु एक ही स्थिति अलग-अलग व्यक्तियों पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ती है।  यहाँ तनाव युक्त रहने के 5 अभ्यास दिए जा रहे है। Read Tanav se Mukti ke Tarike

How To Get Rid Of Stress In Hindi

Tanav se Mukti ke Tarike

(Tanav Kaise Door Kare)

  • राजसिक भोजन मसालेदार होता है तथा भावनाओं पर प्रभाव डालता है। तामसिक भोजन बासी होता है। राजसिक व तामसिक भोजन आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते है। जबकि सात्विक भोजन मस्तिष्क को शांत रखता है।
  • अपने भोजन में ताजा सब्जियाँ, फल, दूध तथा अनाज तथा चावल को शामिल करें। मसालेदार चटनी तथा अचार खट्टे क्रीम, चिकन, फिश, माँस, मक्खन, लहसुन, प्याज, उड़द दाल आदि का सेवन न करें।
  • अनेक हर्बल जैसे इलायची, पिपरमेंट, सौंफ, दुध उत्पाद अपने आहार में शामिल करें। चाय के रूप में तथा विभिन्न पकवानों में डालकर भी आप इनका प्रयोग कर सकते है। यह तनाव से राहत देते है।
  • तेल की मसाज करने के अनेक स्वास्थ्य लाभ है। यह तनाव से राहत देता है। केस्टर, सिसेम तथा नारियल का तेल गरम करके खोपड़ी पर मालिश करें। उसके बाद पुरे शरीर की मालिश करें। read जाने खुद की मालिश करने का सही तरीका
  • कैफीन और एल्कोहॉल बैचेनी और तनाव बढ़ाते है। अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का त्याग करें जो तनाव का स्तर बढ़ाते है। read शराब पीना रोकने के लिए तरीके
  • उचित सांस नहीं लेने पर संपूर्ण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। यह तनाव से होने वाली क्षति का मुख्य कारण है। read अस्थमा का इलाज
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Natural Remedies For Depression In Hindi

डिप्रेशन दूर करने के लिए यदि आप कोई गोली ले रहे हैं, तो इससे पहले प्राकृतिक विकल्प को करने की कोशिश करें। आइये जानते है डिप्रेशन को कम करने के प्राकृतिक उपचार। Read natural remedies for depression in hindi (Depression Kam Karne Ke Upchar).

Depression Kam Karne Ke Upchar

Natural Remedies For Depression In Hindi

(Depression Kam Karne Ke Upchar)

  • विटामिन से भरपूर आहार का उपभोग (विटामिन B 12, विटामिन C और फॉलिक एसिड) जैसे संतरे, पत्तेदार सब्जियाँ, पूरे अनाज, सेम फलियाँ, नट्स और डेयरी उत्पाद) करने पर मूड बदल जाता है या डिप्रेशन खत्म होता है।
  • ज्यादातर एंटीडिप्रेशन दवाओं से मस्तिष्क रसायन में खून का स्तर बढ़ जाता है। यह सेरोटोनिक अवरोधक के साथ निरोधक एवं मस्तिष्क रिसेप्टर्स द्वारा होता है। इन प्राकृतिक विकल्पों द्वारा इसे प्रभावी ढंग से कर सकते है।
  • मसाले आपके हैप्पी हार्मोन्स के स्तर को बढ़ते है। सलाद पर काली मिर्च पाउडर छिड़क कर डिप्रेशन दूर करें। (यह एंटीडिप्रेशन का कार्य करती है।)
  • कुछ विशेषज्ञों के अनुसार संगीत सुनने से (विशेषकर रैप एवं हिप-हॉप संगीत) डिप्रेशन दूर हो जाता है।
  • प्रतिदिन केवल 30 मिनिट घूमने से ही काफी फर्क पड़ जाता है, यह आवश्यक नहीं कि कोई व्यायाम करना पड़े।
  • एकाग्र होकर यदि मेडीटेशन किया जाए तो सकारात्मक रूप से मूड़ में परिवर्तन हो जाता है। हालाँकि लाफ्टर योगा (हँसी योग) डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में काफी प्रभावी माना जाता है।
  • प्रतिदिन आठ घंटे सोना चाहिए, क्योंकि दिमाग सोते समय शांत होता है, तथा तनाव दूर करने वाले हार्मोन्स उत्तेजित होते है।
  • डिप्रेशन का विटामिन K से नाता माना जाता है। डिप्रेशन दूर करने के लिए प्रतिदिन कुद क्षणों के लिए धूप का सेवन करें।
  • डिप्रेशन दूर करने के प्राकृतिक उपायों में आवश्यक तेलों का प्रयोग अत्यन्त प्रभावशाली है जैसे पिपरमेंट ऑइल, गुलमेहन्दी का तेल, चमेली का तेल व चंदन। अच्छे से इन तेलों से सिर की मालिश करें।
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Treatment For Anxiety In Hindi

Anxiety Attack जिससे मानसिक परेशानी के रूप में माना जाता है। यह बहुत डर और बेचेनी की स्थिति होती है। यह किसी परस्थिति के कारण या कुछ होने वाला है यह सोचने से आती है। अगर आप अपने दिमाग़ पर थोड़ा सा ज़ोर देंगे तो आप भी ऐसी ही बेचेनी से कभी ना कभी घिरे हुए होंगे। जिसके कारण आपके हाथ-पैर ठंडे पड़ गये होंगे या फिर ब्लड प्रेशर लो हो गया होगा। अगर आप बैचेनी के लक्षणो को महसुस कर रहे है तो यहाँ कुछ आसान प्राकृतिक घरेलु नुस्खे दिए जा रहे है। Read treatment for anxiety in hindi (Anxiety Ka Ilaj).

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Treatment For Anxiety In Hindi

(Anxiety Ka Ilaj)

  • जब भी बैचेनी सताए गहरी साँस ले इससे ऑक्सीजन दिमाग तक पहुंचेगी तथा शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी आराम पहुँचेगा।
  • दो-तीन बार दिन में चेमोमाइल टी पीने से शरीर ठण्डा रहता है तथा बेचनी दूर होती है।
  • कुछ बूंदे लिवेन्डर के तेल को अपने नहाने के पानी में मिलाए या इसकी कुछ बूदों को अपने रूमाल पर रखकर सूंघे, इससे बेचेनी में राहत मिलती है।
  • यह ठीक कहा गया है कि बैचेनी के समय मीठा खाने से स्वास्थ्य संबंधित समस्या हो सकती है परन्तु एक डार्क चॉकलेट का टुकड़ा खाने से मूड़ जल्दी ठीक हो जाता है।
  • केफीन शरीर में अचानक ऐनर्जी बढ़ा देते है और यही बैचेनी का कारण होता है।
  • योगा एवं ध्यान शरीर तथा दिमाग को राहत प्रदान करते है। योगा की कुछ तकनीके एवं कसरत शरीर से बैचेनी को कम कर देते है।
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Tips To Enhance Memory Power In Hindi

भाग-दौड़ वाली इस लाइफ में इंसान को कितने काम करने पड़ते है जिसके चलते उसको कुछ काम याद रहते है और कुछ नही। जो काम याद नही होते वे ही सबसे ज़्यादा जरुरी होते है। जैसे गाड़ी की चाबी कही पर भूल जाना, घर पर ताला लगाना या पैसो के लेन देन में कुछ भूल जाना। इनके अलावा भी कई जरुरी काम होते है जिनको याद रखना ज़रूरी होता है। यहाँ स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय जो प्राचीन समय में लोग अपनी स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग करते थे वह बताये जा रहे है। Read Tips to Enhance Memory Power in Hindi (Memory Power Badhane Ke Tips).

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Tips To Enhance Memory Power In Hindi

स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय  (Memory Power Badhane Ke Tips)

  • यदि आप नियमित रूप से अखरोट खाते है तो भी आपकी याददाश्त बढ़ेगी। 10 gm किशमिश के साथ 20 gm अखरोट मिलाकर खाए। इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है।
  • गाय के घी से सिर पर कुछ दिनों तक मालिश करने से आपकी मेमोरी पॉवर बढ़ती है।
  • सुबह खाली पेट आवले का मुरब्बा खाने से दिमागी विकार दूर होते है।
  • रात में 10 बादाम को पानी में भिगोकर रख दे, सुबह उनके छिलके निकालकर 10 gm मक्खन और मिश्री मिलाकर सेवन करे। आप बादाम को गाय के दूध के साथ भी ले सकते है। ऐसा नियमित रूप से करने पर आपकी स्मरण शक्ति बढ़ने लगेगी।
  • गाजर का हलवा खाने से दिमाग़ की कमज़ोरी दूर होती है।
  • जीरा, आद्रक और मिश्री को पीसकर उसका पेस्ट बना ले और रोज सुबह खाली पेट सेवन करे। इससे आपकी कमजोर याददाश्त ठीक हो जयगी।
  • गुलकंद को रोज दिन में 2 से 3 बार खाने से भी स्मरण शक्ति में लाभ मिलता है।
  • रात को उड़त की दाल को भिगोकर सुबह पीस ले और इसे दूध और मिश्री के साथ खाए। ऐसा करने से दिमाग़ तेज चलने लगेगा।
  • सौंफ को कूटकर सुबह-शाम पानी या दूध के साथ सेवन करे।
  • गेंहू के पौधे के रस को कुछ दिनों तक रोज पीने से भूलने की बीमारी दूर हो जाती है।
  • शहद में 10 gm दालचीनी को मिलाकर चाटने से दिमाग़ तेज होता है।
  • 6 से 7 काली मिर्च में 25 से 30 gm मक्खन और शुगर मिलाकर रोज खाने से भूलने की बीमारी ठीक हो जाती है।

इन नेचुरल उपायो को करने से आपका दिमाग़ तेज होगा साथ ही भूलने की बीमारी दूर हो जयगी। इसके लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है की आप इनको नियमित रूप से करे।

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Tips for Alzheimer's Disease in Hindi

इंसानो में ‘भूलने के रोग’ को अल्जाइमर रोग कहा जाता है। अलोइस अल्जाइमर पर इसका नाम रखा गया है, जिन्होंने सबसे पहले इसका विवरण दिया। यद्यपि ऐसी दवाईयाँ नहीं है जो इस रोग का इलाज कर सके लेकिन जीवनशैली में कुछ परिवर्तन और स्वस्थ आहार अल्जाइमर के खतरे को कम एवं इसकी वृद्धि को धीमा कर सकता है। Read Tips for Alzheimer’s Disease in Hindi (Alzheimer Disease Ka Gharelu Upchar).

Alzheimer Disease Ka Gharelu Upchar

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Tips for Alzheimer’s Disease in Hindi

(Alzheimer Disease Ka Gharelu Upchar)

  • यद्यपि ऐसी दवाईयाँ नहीं है जो इस रोग का इलाज कर सके लेकिन जीवनशैली में कुछ परिवर्तन और स्वस्थ आहार अल्जाइमर के खतरे को कम एवं इसकी वृद्धि को धीमा कर सकता है।
  • डिमेंसीया और अल्जाइमर के खतरे को बढ़ने से रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय मस्तिष्क को भरपूर पोषण देना है। फलों, सब्जियों, मछली और डेयरी उत्पादों के द्वारा एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फेटी एसिड्स, विटामिन्स और खनिजों की अत्यधिक मात्रा उपलब्ध करवाकर मस्तिष्क को पोषण प्रदान किया जा सकता है।
  • डिमेंसीया के खतरे को कम करने के लिए शरीर को गतिशील बनाये रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
  • जो भी आपको सही लगे ऐसी व्यायाम की योजना बनाएं और इसे धर्म की तरह पालन करते रहें।
  • हृदय रोगों के खतरे को कम करके भी अल्जाइमर को बढ़ने से रोका जा सकता है। रिसर्च से हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के बीच संबंध का पता चला है और कुछ कारक जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अत्यधिक शारीरिक वजन जो हृदय रोग को बढ़ाते है वे अल्जाइमर के खतरे को भी बढ़ाते है।
  • परिवार और मित्रों से जुड़े रहे और नये संबंध बनाये, प्रियजनों से फोन पर बात करते रहें, पड़ौसियों के साथ समय बिताये और कोई क्लब जोईन कर लेवे।
  • नयी चीजे सीखना या रणनीतिक खेल जैसे शतरंज, पहेली, स्क्रैबल और सुडोकू दिमाग को उत्तेजित रखते है और समझबोध में कमी के खतरे को कम करते है।
  • आजकल की व्यस्त जीवनशैली का एक सबसे खराब नतीजा नींद का अभाव है जो तनाव, खराब मनोदशा और थकावट ही नहीं पैदा करता बल्कि समझबोध में कमी जैसे दूरगामी परिणाम भी देता है। इसलिए यह जरूरी है कि कम से कम 8 घंटे बिना व्यवधान के आरामदायक नींद लेवे।
  • पैन्क्रीआ द्धारा अत्यधिक इंसुलिन का उत्पादन दिमाग पर विपरीत असर डालता है।
  • कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्बोहाइड्रेट जैसे ओट्स, साबूत अनाज, ब्राउन राईस, सब्जियाँ और फल जो टूटने में समय लेते है का सेवन करके ब्लड शुगर लेवल में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से बच सकते है।
  • आधुनिक जीवनशैली का एक और नकारात्मक पहलु तनाव है।
  • मेडिटेशन और आराम देने वाले व्यायाम जैसे ताई-ची आदि के द्वारा आंतरिक शांति पाने की कोशिश करें।

Symptoms of Alzheimer Disease in Hindi

डिमेन्सीया और अल्जाइमर के प्रारंभिक लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते है और अक्सर गलती से उम्र संबंधी लक्षण मान लिये जाते है और कई सालों तक इनका पता नहीं चल पाता है। लेकिन आपके प्रियजनों में इन लक्षणों का पता चले तो सचेत रहे। Read about Symptoms of Alzheimer Disease in Hindi (Alzheimer Disease Ke Lakshan).

Alzheimer Disease Ke Lakshan

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Symptoms of Alzheimer Disease in Hindi

(Alzheimer Disease Ke Lakshan)

  • लोग अपनी महत्वपूर्ण चीजों को कही रख कर भूल जाते है, परिवार के सदस्यों के नाम भूल जाते है, परिचित स्थानों पर खो जाते है, बार-बार एक ही सूचना मांगते रहते है, और महत्वपूर्ण घटनाओं और तारीखों को भूलने लगते है
  • अल्जाइमर से पीडि़त लोग अपनी पसaदीदा गतिविधियों, शौक और रूचि से दूर होने लगते है क्योंकि ऐसा करने में उन्हें परेशानी होने लगती है।
  • अल्जाइमर से पीडि़त लोग तारीखों, समय और मौसम के बारें में भ्रमित रहते है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे समय का ध्यान नहीं रख पाते है और उन घटनाओं को नहीं समझ पाते है जो उनके सामने नहीं हो रही है।
  • मनोदशा में परिवर्तन कभी-कभी गैंगग्रीन और उदासी से शुरू होता है और धीरे-धीरे हिंसक क्रोध, चिल्लाहट और बेवजह गुस्से में बदल जाता है। अब वे जल्दी ही परेशान हो जाते है और हमेशा भयभीत, चिंतित, भ्रमित या उदास रहते है।
  • शुरूआती अल्जाइमर में भी लोग पूरी बातचीत ही भूल जाते है। वे बातचीत के बीच में ही अचानक से रूक जाते है और क्या बोलना है भूल जाते है। उनको किसी विषय पर बने रहने में समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे उनमें निराशा की भावना बढ़ती है।

Alzheimer Disease In Hindi

अल्जाइमर रोग, डिमेन्सीया का सबसे आम रूप है। यह धीरे-धीरे बढ़ने वाला मस्तिष्क संबंधी दोष है जो मस्तिष्क के सेल्स के नष्ट होने के कारण होता है एवं समझबोध में कमी और याददाश्त खोना इसका परिणाम है। ( Read Alzheimer Disease In Hindi )

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Alzheimer Disease In Hindi

(Alzheimer Disease Kya Hoti Hai)

  • डिमेन्सीया और अल्जाइमर का मुख्य कारण तेजी से मस्तिष्क सेल्स का नष्ट होना है जिससे मस्तिष्क के सेल्स के बीच जुड़ाव कम हो जाता है और यह मस्तिष्क को सीमित कर देता है।
  • अलजाइमर रोगियों की मस्तिष्क कोशिकाओं में आम तौर पर प्लेक और टैंगल की असामान्य मात्रा पायी जाती है जो स्थिति को और भी खराब कर देती है।
  • ये प्लेक, मस्तिष्क सेल्स के बाहर जमने वाले प्रोटीन बीटा-एमिलोइड से बने होते है और मस्तिष्क सेल्स और न्यूरॉन्स की मस्तिष्क को संदेश भेजने और पाने की क्षमता को कम करते है।
  • टैंगल्स या टौ टैंगल्स, टौ प्रोटीन के धागे होते है। मस्तिष्क सेल्स को पोषक तत्वों के परिवहन के लिए टौ प्रोटीन की जरूरत होती है। लेकिन अल्जाइमर रोगी की मस्तिष्क सेल्स में ये प्रोटीन के धागे मुड़कर टैंगल्स बन जाते है और मस्तिष्क से संदेश के प्रवाह को अवरूद्ध करते है और मस्तिष्क सेल्स के नष्ट होने का कारण बनते है।

Tolasan to Reduce Stress in Hindi

तोलासन संतुलन वाला पोज़ है जिसे “स्केल-पोज़” कहा जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है स्वयं को संतुलित करना। इस आसन का उद्देश्य शरीर को हाथों पर संतुलित करना है जिससे हाथ मज़बूत बनें। यह आसन शुरुआती समय में मुश्किल लग सकता है। अगर आप पहली बार योगासन कर रहे हैं तो आप अर्ध-पद्मासन या पद्मासन से शुरुआत कर सकते हैं। Read Tolasan to Reduce Stress in Hindi (Stress Kam Karne Ke Liye Tolasan).

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Tolasan to Reduce Stress in Hindi

(Stress Kam Karne Ke Liye Tolasan)

तोलासन के तरीके (How to Practice Tolasana)

पद्मासन सीखने हेतु निम्न दिए गए स्टेप्स अपनाएँ :

  1. ज़मीन पर सुखासन में बैठें(साधारण पालथी बना कर)
  2. पैरों को अपने सामने लम्बा कर लें
  3. अब अपने बांयें हाथ से बांयें पैर की एड़ी पकड़ने की कोशिश करें
  4. हाथों की मदद से पैर ऊपर उठाएं और दाहिनी जांघ पर रख दें
  5. यह अर्ध-पद्मासन कहलाता है
  6. अब दाहिने पैर को घुटने से मोडें और बांयीं जांघ पर रख दें
  7. अपनी हथेलियाँ घुटनों पर रखें – यह “द्रोण मुद्रा” है
  8. यह संपूर्ण पोजीशन “पद्मासन” कहलाती है

जब आप पद्मासन करना सीख जाएँ तो निम्न स्टेप्स से तोलासन करना सीखें

  1. अर्ध-पद्मासन” या “पद्मासन” में बैठें
  2. अपने हाथ कूल्हों(हिप्स) के पास रखें। आपके हाथ शरीर के ज्यादा पास नहीं होने चाहियें। शरीर से हाथों की दूरी 2 से 3 इंच की होनी चाहिए।
  3. अब एक लम्बी सांस लेकर अपनी हथेलियाँ ज़मीन पर टिका दें।
  4. अब अपने शरीर को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
  5. यहाँ, आपको अपना समस्त शरीर अपने हाथों पर संतुलित करना है। सिर्फ आपकी हथेलियाँ ज़मीन को छूएंगी,आपका शरीर नहीं।
  6. इस पोजीशन में 10-20 सेकंड्स तक ही अपनी क्षमता के अनुसार रहें फिर इस पोज़ से हट जाएँ।
  7. इस क्रिया को प्रतिदिन 10 बार दोहरायें।

बिगिनर्स के लिए टिप्स (Tips for Beginners)

अगर आप योगा करने की शुरुवात कर रहे है तो आप अपने शरीर का संतुलन हाथ पर नहीं बना पायंगे। इसके लिए आप दो ईट ले और अपने हाथो को ईट पर रखे और बैलेंस बनाये, इस पर बैलेंस बन गया तो आप ये जमीन पर कर के भी आजमा सकते है।

तोलासन कब नहीं करना है (When Not to Do Tolasana)

तोलासन या अन्य आसन कब नहीं करना है,इसके लिए नीचे कुछ शर्तें दी गई हैं:

  • कलाई में हाल ही में चोट या सर्जरी हुई हो
  • हाथों, बांहों या कंधे में किसी भी प्रकार की चोट या दर्द हो
  • घुटने में दर्द या चोट हो
  • कंधे की सर्जरी हुई हो
  • एड़ी में चोट या दर्द हो
  • कूल्हों या जांघों में खिंचाव हो

अपनी क्षमता से ज्यादा स्ट्रेच ना करें।अगर आपको किसी भी आसन को करते समय कोई दर्द या तकलीफ हो तो डॉक्टर या योग गुरु से सलाह लें।

तोलासन के लाभ (Benefits of Tolasana)

तोलासन के कई फायदे हैं। किसी भी आसन के समस्त फायदे पाने में लगभग एक साल लग जाता है परन्तु असर लम्बे समय तक रहता है।

  • इससे रीढ़ की हड्डी, बांहों, कन्धों, घुटनों,जाँघों और एब्डोमेन को अच्छा खिंचाव मिलता है।
  • यह आसन आपको हाथों पर संतुलन बनाना सिखाता है।
  • इससे आप एकाग्रचित्त होते हैं।
  • यह आपकी सहन शक्ति बढ़ाता है।
  • इस आसन को करते समय ब्लड वेसल्स स्ट्रेच होते हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं।
  • इस आसन को नियमित करने से एब्डोमेन मसल्स टोन होती हैं।
  • तनाव रहित जीवन के लिए यह आसन अवश्य करें।

Bipolar Disorder in Hindi

बाइपोलार डिसॉर्डर कई प्रकार के होते है। हर व्यक्ति की गंभीरता और स्वाभाव अलग अलग होता है। यहा देखिए बाइपोलार डिसॉर्डर के अलग अलग प्रकार है। Read Bipolar Disorder in Hindi (bipolar disorder ke prakar)

Bipolar Disorder in Hindi

 बाइपोलर डिसऑर्डर कितने प्रकार का होता है
(Types of Bipolar Disorder in Hindi)

बाइपोलार I:

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, डिप्रेशन में चले जाता है।

बाइपोलार II:

इससे ग्रसित व्यक्ति का दिमाग़ कभी-कभी बहुत अधिक उत्तेजित हो जाता है। इस स्थिति को hypomania के नाम से भी जाना जाता है।

Cyclothymia:

बाइपोलार डिसॉर्डर के इस स्टेज में व्यक्ति का मूड थोड़े थोड़े अंतराल में बदलता रहता है। कभी तो पीढ़ीत में hypomania के लक्षण देखने को मिलते है तो कभी वो डिप्रेशन में चले जाता है।

बाइपोलार डिसॉर्डर की जानने योग्य बाते (Information of Bipolar Disorder)

 

  1. बाइपोलार डिसॉर्डर वाले व्यक्ति के पास हमेशा कोई न कोई होना चाहिए जो उनके काम के लिए सांत्वना देता रहे जिससे उन्हें खुशी मिले।
  1. इस बीमारी के इलाज में बहुत समय लगता है। इसलिए बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को धेर्ये रखना चाहिए इसलिए उन्हे धेर्ये रखने की सलाह देनी चाहिए।
  1. इस बीमारी में लोगो को गुस्सा बहुत आता है और वो चिड़चिड़े हो जाते है। इसलिए उन्हे कभी निराश नही करना चाहिए और उन्हे उनकी पसंद के स्थान पर घूमने के लिए ले जाना चाहिए। जिससे उनका मान सही हो सके।
  1. यह बीमारी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को परिवर्तित कर देती है। ऐसे में मरीज को दवाइयों से ज्यादा दोस्त और परिवार के प्यार की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।

आपने जाना बाइपोलार डिसॉर्डर के बारे में। इसकी मदद से बाइपोलार डिसॉर्डर से पीढ़ीत व्यक्ति की बीमारी के कारण जान सकते है और उनके इलाज में मदद मिल सकती है।

Remedies for Stress Relief in Hindi

तनाव आज की जीवनशैली का एक भाग बन गया है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। जब व्यक्ति अपने लिए आराम का भी समय न निकाल पाएं ऐसी स्थिति में यह सेहत को नुकसान पहुँचाता है। यहाँ तनाव युक्त रहने के 5 अभ्यास दिए जा रहे है। Read Remedies for Stress Relief in Hindi (Tanav se Chutkara Pane ka Upchar).

Remedies for Stress Relief in Hindi

Remedies for Stress Relief in Hindi

(Tanav se Chutkara Pane ka Upchar)

1. तनाव खतरनाक है (Stress is Risky)

तनाव स्थितियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। परन्तु एक ही स्थिति अलग-अलग व्यक्तियों पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ती है। उचित आहार, श्वसन के सही तरीकों एवं प्राकृतिक हर्बल आहार अपनाकर आप सकारात्मक तरीकों से तनाव कम कर सकते है। इससे सकारात्मक सोच से आप जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकते है एवं तनाव से राहत पा सकते है।

2. उचित आहार लें (Take Proper Diet in Stress)

आयुर्वेद के अनुसार भोजन में सत्व, राजस तथा तमस गुण पाए जाते है। सात्विक भोजन हल्का, ताजा एवं पोषण से भरपूर होता है। राजसिक भोजन मसालेदार होता है तथा भावनाओं पर प्रभाव डालता है। तामसिक भोजन बासी होता है। राजसिक व तामसिक भोजन आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते है। जबकि सात्विक भोजन मस्तिष्क को शांत रखता है।

3. चिकित्सा (Treatment for Stress)

अपने भोजन में ताजा सब्जियाँ, फल, दूध तथा अनाज तथा चावल को शामिल करें। मसालेदार चटनी तथा अचार खट्टे क्रीम, चिकन, फिश, माँस, मक्खन, लहसुन, प्याज, उड़द दाल आदि का सेवन न करें। कुछ ही दिनों में आपको तनाव पुर्ण स्थितियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी।

4. राहत प्रदान करने वाली औषधियों का प्रयोग करें (Take Stress Free Remedies)

अनेक हर्बल जैसे इलायची, पिपरमेंट, सौंफ, दुध उत्पाद अपने आहार में शामिल करें। चाय के रूप में तथा विभिन्न पकवानों में डालकर भी आप इनका प्रयोग कर सकते है। यह तनाव से राहत देते है।

5. तेल की मसाज करें (Head Massage)

तेल की मसाज करने के अनेक स्वास्थ्य लाभ है। यह तनाव से राहत देता है। केस्टर, सिसेम तथा नारियल का तेल गरम करके खोपड़ी पर मालिश करें। उसके बाद पुरे शरीर की मालिश करें। इसे शरीर पर एक या दो घण्टे तक लगाए रखें फिर गरम पानी से स्नान कर लें।

6. अस्वास्थ्यकर भोज्य पदार्थों का त्याग करें (Do Not Have Unhealthy Food)

हम में से अधिकतर लोग हानिकारक तरल पेय पदार्थों का प्रयोग करते है। कैफीन और एल्कोहॉल बैचेनी और तनाव बढ़ाते है। अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का त्याग करें जो तनाव का स्तर बढ़ाते है।

7. सांस लेने का सही तरीका अपनाएं (Take a Deep Breath)

उचित सांस नहीं लेने पर संपूर्ण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। यह तनाव से होने वाली क्षति का मुख्य कारण है। हर सुबह और शाम को धीरे-धीरे गहरी सांसें ले। अपने पेट तथा छाती को फैलाएं। 5 मिनट तक धीरे-धीरे सांस अंदर लेवें और 5 मिनट बाद धीरे-धीरे सांस छोड़े।

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