Heart Health

Benefits of Peepal for Heart Blockage in Hindi

आयुर्वेद में प्रकृति के द्वारा हर समस्या का समाधान मौजूद है। हमारे आसपास प्रकृति में कई औषधियां छुपी हुई हैं, जिनके बारे में हम जानते ही नहीं है। हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को देवतुल्य मानकर उसकी पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, पीपल हृदय रोग के लिए वरदान है। Read Benefits of Peepal for Heart Blockage in Hindi (Heart Blockage ke Liye Peepal ke fayde).

Benefits of Peepal for Heart Blockage in Hindi

Heart Blockage ke Liye Peepal – benefits of peepal leaf for heart in hindi – pipal ke patte for heart – pipal ke patte ka upyog – peepal leaves for heart attack

दिल के आकार के इस पत्ते में हृदय संबंधी समस्याओं का हल छुपा हुआ है। सबसे खास बात यह है, कि पीपल दिल के 99 % blockage को भी समाप्त करता है। आइए जानते हैं हृदय से जुड़ी समस्या में कैसे करें पीपल का प्रयोग।

ह्दय संबंधी समस्याओ या heart attack हो जाने की स्थि‍ति में पीपल के पत्तों का काढ़ा बेहद लाभकारी सिद्ध होता है। आइए जानते हैं, इसे बनाने और पीने का तरीका।

  • सबसे पहले, 15 पीपल के पत्ते जो हरे, आकार में बड़े और पूरी तरह से विकसित हो उसे तोड़ लें।
  • इन सभी पत्तों के ऊपर व नीचे के भाग को कैंची से काटकर अलग कर दें।
  • अब पानी से पत्तों को धो लें और लगभग एक गिलास पानी में पत्तों को धीमी आंच पर पकाएं।
  • जब पानी उबलकर एक-तिहाई रह जाए, तब उसे ठंडा करके छान लें और fridge या अन्य किसी ठंडे स्थान पर रख दें।

 

कैसे करें सेवन (How to Have Peepal for Heart Disease) 

इस पानी को तीन भागों में बांट लें और हर तीन घंटे में इसका सेवन करें।

इस दवा का रोज़ सेवन करने से heart attack के बाद भी हृदय पहले की तरह स्वस्थ हो जाएगा और दोबारा दिल के दौरे की संभावना भी खत्म हो जाएगी। हृदय रोगियों के लिए यह एक अच्छा, सरल और सुलभ उपाय है, जिससे दिल के सभी प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं। इस काढ़े के सेवन से दिल मजबूत होता है और आप बेहद ठंडक और शांति महसूस करते हैं।

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कैसे बचे हार्ट ब्लॉकेज से

महिलायें रखे अपने दिल का ख्याल

चाय पीने के होते है कई नुकसान आइये जानते है

Natural Treatment for Heart Blockage in Hindi

हृदय रोगों और heart attack का सबसे बड़ा कारण होता है, हृदय की धमनियों (arteries) और शिराओं (veins) में cholesterol का जमाव होना। Cholesterol का जमाव होने के कारण, यह नलियां अंदर से संकरी हो जाती है जिसकी वजह से पर्याप्त बहाव के साथ हृदय तक रक्त नहीं पहुंच पाता। जब वसा (fat) के अत्यधि‍क जमाव के कारण यह नलियां बंद होने लगती हैं और हृदय तक रक्त नहीं पहुंच पाता तब heart attack की नौबत आती है।  Read about Heart blockage treatment without surgery in hindi, natural way to remove heart blockage in hindi, heart blockage ka gharelu upchar, heart blockage ka upay in hindi

यदि आप भी high cholesterol के मरीज हैं और बाईपास सर्जरी (bypass surgery) या एंजियोप्लास्टी (angioplasty) से नहीं गुजरना चाहते है, तो इस घरेलू दवा का सेवन आपकी मदद कर सकता है। यह हृदय की नलियों से cholesterol कम करने में मददगार साबित होगा। आइए जानते है की ये दवा क्या है और इसे कैसे बनाया जाए।

Natural Treatment for Heart Blockage in Hindi

Natural Treatment for Heart Blockage in Hindi

(Heart Blockage ka Natural Treatment)

इसे बनाने के लिए आपको इन 5 चीजों की आवश्यकता होगी:

  1. 1 कप नींबू का रस
  2. 1 कप अदरक का रस
  3. 1 कप प्याज का रस
  4. 3 कप शहद
  5. 1 कप सेब का सिरका (apple cider vinegar)

इस बात का ध्यान रखिएगा कि सेब का सिरका (apple cider vinegar) घर पर बना हुआ या पूरी तरह से प्राकृतिक हो।

विधि‍ – एक बरतन में ऊपर बताए गए चारों रसों को मिला लें और फिर इस बर्तन को धीमी आंच पर रख दें। लगभग आधा से 1 घंटे तक इसे पकाए जब तक यह मिश्रण 3 कप ना रह जाए। उसके बाद इस मिश्रण को आंच से उतार लें और ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा हो जाने पर इसमें अच्छी तरह से 3 कप शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को किसी बोतल में डाल दें।

रोज़ सुबह खाली पेट 3 चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें। भले ही आपको इसका स्वाद पसंद ना आए, लेकिन इसका नियमित रूप से सेवन आपके हृदय को सुरक्षि‍त और रखकर आपकी जिंदगी बचाने में बेहद मददगार साबित होगा।

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हार्ट ब्लॉकेज का रामबाण इलाज पीपल – Peepal for Heart Blockage in Hindi

दिल में ब्लॉकेज से बचने के तरीके

Prevention From Heart Blockage In Hindi

दिल में ब्लोकेज से बचने के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है। यहाँ कुछ ऐसी ही चीज़ें हैं जो हार्ट अवरोधों से बचने के लिए की जा सकती हैं। Read about prevention from heart blockage in hindi (Heart Blockage Se Kaise Bache).

Heart Blockage Se Kaise Bache

Prevention From Heart Blockage In Hindi

(Heart Blockage Se Kaise Bache)

  • धूम्रपान करने पर करीब 4000 रसायन हमारे शरीर के अंदर जाते हैं जो स्वास्थ का कोई अच्छा नहीं करते। बल्कि ये रसायन हार्ट वाहिनियों को संकुचित करते हैं जिससे अवरोध उत्पन्न होते हैं।
  • कोला व अन्य शीतल पेयों में कोई भी स्वास्थ लाभ नहीं होता। शुगर व कैफीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह धीरे-धीरे हमारी वाहिनियों को खराब करते हैं व भविष्य में हार्ट अटैक के अंदेशों को बढाते हैं।
  • शुगर का प्रयोग सीमित करें। इसका अर्थ सिर्फ मिठाई या मीठे का प्रयोग सीमित करना ही नहीं है बल्कि ऐसे भोजन पर नियंत्रण भी है जिनमें कार्बोहाइड्रेट ज़्यादा है जो कि पाचन प्रक्रिया में टूटकर शुगर में तब्दील होता है।
  • अधिकतर खाद्य तेल PUFA या पॉलीअनसेचुरेटेड फैट तत्वों में प्रचुर होते हैं, जो ऑक्सीडेटिवे हानि पंहुचा सकते हैं या कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा सकते हैं। इस कारण धमनियों को रोक कर अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड में प्रचुर भोजन हार्ट के स्वास्थ को बढावा देता है और हार्ट रोगों की संम्भावना कम करता है।
  • हार्ट के स्वास्थ के लिये वसा भी आवश्यक है। जब पुरे फैट को कम मात्रा में लिया जाये तो यह आक्सीडेटिव हानि से लड़ता है व हार्ट वाहिनियों का स्वस्थ्य रखता है।
  • अपने फायदों के कारण फल सब्जियों के एक तरीके से शरीर के दवाई समझा जा सकता है। ये विटामिन, मिनरल्स, फाइबर (रेशों) और अन्य माइक्रोन्यूट्रियेन्ट्स से भरपूर होते हैं जो कि हार्ट के लिये बहुत अच्छे है।
  • व्यायाम हार्ट के स्वास्थ को बढावा देता है। ब्लड संचार बढ़ाता है। और वाहिनियों के अवरूद्ध होने की घटनाये कम करता है।
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Heart Diseases In Females In Hindi

महिलायो में दिल की बीमारी कब लग जाती है, उन्हें यह पता ही नहीं चलता। महिलाये दिल के रोग के लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देती है जिससे बाद में उन्हें कई तकलीफो का सामना करना पड़ता है।उन्हें अपने दिल के प्रति सतर्क रहना चाहिए। Read about Heart Diseases in Females in Hindi (Mahilao Mein Heart Diseases).

Mahilao Mein Heart Diseases

Heart Diseases In Females In Hindi

(Mahilao Mein Heart Diseases)

महिलाओं को अपने हार्ट के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए

  • महिलायें अधिकतर घबराहट या हार्ट रोगों के सूचक चिह्नों को नज़रअंदाज़ कर देती हैं व बहुत कम ही चिकित्सक से सलाह लेती हैं।
  • अगर कभी वे परामर्श लेती भी हैं तो लक्ष्णों में थोड़ा आराम मिलने पर तुरन्त इलाज बन्द कर देती हैं।

शोध में कामकाजी व घरेलू महिलाओं में हार्ट रोगों के प्रति जागरूकता व हार्ट रोग के ख़तरे के बारे में चैंकाने वाला फैक्ट सामने आये है।

  • 81 प्रतिशत चिकित्सकों ने माना कि कामकाजी महिलायें अपने हार्ट के स्वास्थ के प्रति जागरूक हैं।
  • अधिकांश चिकित्सकों ने यह भी कहा कि कामकाजी महिलाओं में हार्ट रोग की सम्भावनाएं अधिक हैं। क्योंकि कामकाजी महिलायें कार्य व घर की जि़म्मेदारियों दोनों के बीच तालमेल बैठाती हैं इस वजह से वे तनाव और अस्वास्थकारी जीवनशैली के प्रति अधिक खुली हैं।
  • घरेलू महिलाओं की अपेक्षा कामकाजी महिलाओं में हार्टप्रणाली रोगों के होने का खतरा भी अधिक है।
  • घर के काम के बोझ व खुद की देखभाल की कमी के चलते घरेलू महिलाओं में इस खतरे को कम नहीं आंका जा सकता है।
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Heart Disease Symptoms In Hindi

हार्ट रोग के करीब 60 प्रकार है, तो सभी के लक्षण एक समान नहीं हो सकते है। यहाँ हार्ट रोगों के कुछ सामान्य लक्षण बताये गये है। Read Heart Disease Symptoms in hindi (Heart Disease Ke Lakshan).

Heart Disease Ke Lakshan

Heart Disease Symptoms In Hindi

(Heart Disease Ke Lakshan)

  • सांसो मे भारीपन या सांस न आना हार्ट रोगों व हार्ट फेल होने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा देखा जाता है। यह हार्ट अटैक का एक चेतावनी चिन्ह हैं। यह सूजन या हार्ट की मांसपेशियों की कमज़ोरी (कार्डियोमायोपैथी) के कारण भी हो सकती है।
  • सीने में दर्द हार्ट अटैक व कॉरोनरी आर्टरी रोग का एक पुराना लक्षण है कुछ गलत मामलों मे सीने मे दर्द उन उत्तकों मे सूजन से संबधित हो सकता है, जो हार्ट का आवरण करते है।
  • पैरों व एडि़यों मे सूजन उन लोगों मे दिखाई देती है। जिन्हें कंजेस्टिव हार्ट फेल्यिर है, जहाँ की ब्लड संचार की क्षमता घट जाती है। यह गुर्दो पर असर डालता है जिससे शरीर में तरल का अवधारण होता है।
  • वे लोग जिनमें हार्ट अटैक की संभावना है उन्हें बिना किसी भी शारीरिक श्रम के अधिक पसीना आता है। हार्ट फेल्यिर से स्म्पिेथेटिक तंत्रिका तंत्र अधिक सक्रिय हो जाता है जिससे पसीना आता है।
  • महिलाओं में हार्टरोग व हार्ट अटैक का एक सामान्य लक्षण पूरे शरीर में बिना कारण के थकान या थकावट है।
  • कार्डियोलॉजिस्ट से मिलने वाले लोगों की सामान्य शिकायत तेज धडकनें या नब्ज़ गति की होती है।
  • सीने मे दर्द के अलावा कई लोगों को रह-रह कर या लगातार कंधो में दर्द होता है जो कि पूरे हाथ व पीठ तक फेल सकता है।
  • अचानक से बेहोश होना एक आपातकालीन स्थिति है जिसमें तुरन्त चिकित्सकीय सहायता चाहिए। कई मामलों में यह एक लक्षण है जिससे बाद में हार्ट रोग का पता चलता है।

Cinnamon For Heart In Hindi

दाल चीनी (Cinnamon) 10–15 मी (32.8–49.2 फीट) की उचांई का एक छोटा सदाबहार पेड़ होता है, जो लौरेसिई (Lauraceae) परिवार का है। दाल चीनी (Cinnamon) श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है। दाल चीनी (Cinnamon) को अंग्रेजी में ‘कैशिया बार्क’ का वृक्ष कहा जाता है। दाल चीनी (Cinnamon) के  अगणित योज्यों से भरपुर होने के कारण इसका तेल बहुत सी बिमारियों का रामबाण इलाज है। दाल चीनी (Cinnamon) एक बेहतरीन प्राकृतिक तरीका है। Read About Cinnamon For Heart In Hindi (Heart Ke Liye Dalchini ke Labh).

Heart Ke Liye Dalchini ke Labh

Cinnamon For Heart In Hindi

(Heart Ke Liye Dalchini ke Labh)

  • दाल चीनी (Cinnamon) बाइल नमक को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है तो शरीर दूसरे कार्यों के लिये कोलेस्ट्रोल को तोड़कर और बाइल नमक बनाता हैं, दाल चीनी (Cinnamon) से सीधे कोलेस्ट्रोल लेवल कम होता है।
  • एक छोटा चम्मच दाल चीनी (Cinnamon) पाउडर रोज़ खाली पेट लें। दाल चीनी (Cinnamon) का पाउड़र बनाकर उसे महीनें तक रखा जा सकता है।
  • प्रतिदिन नाश्ते के आंधे घंटे पहले एक छोटा चम्मच शहद मिली हुई दाल चीनी (Cinnamon) की चाय पीएँ। दाल चीनी (Cinnamon) की चाय बनाने के लिए हरी चाय में एक चुटकी ताजा पीसा दाल चीनी (Cinnamon) पाउड़र डालें, छाने व गर्म ही पीएँ स्वाद के लिए एक चम्मच शहद भी डाल सकते है।
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Vegetables For Healthy Heart In Hindi

Heart patient के लिए सबसे बड़ी मुश्किल ये होती है कि वो एक सामान्य diet नहीं ले सकते है क्योंकि उन्हें बहुत सारे medical factors को ध्यान में रखना पड़ता है। ताज़ा स्वास्थकारी सब्जियों से हार्ट रोगों के खतरे को प्राकृतिक तरीके से कम किया जा सकता है। Read about vegetables for healthy heart in hindi (healthy heart ke liye sabjiya).

Healthy Heart ke Liye Sabjiya

Vegetables For Healthy Heart In Hindi

(Healthy Heart ke Liye Sabjiya)

  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक व मेथी विटामिन K से भरपूर होती है जो कि ब्लड जमाव में अहम हैं व हार्ट पर रक्षात्मक असर डालता है। सब्जियों में पाए जाने वाले रेशे ब्लड में उस LDL कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम करते है जो हार्ट के खतरे को बढ़ाते हैं।
  • टमाटर आपको हार्ट रोगों के खिलाफ प्राकृतिक सुरक्षा देगा। ये LDL कोलेस्ट्रोल, हार्मोसिस्टीन लेवल, प्लेटलेट्स के संयोजन व ब्लड प्रेशर को कम करते है।
  • शिमला मिर्च में फोलेट व रेशे भी होते हैं। जो कोलेस्ट्रोल को कम करते है।
  • गाजर ब्लड वाहिनियों को मुक्त कणों की हानि से बचाता है। वहीं रेशे कोलेस्ट्रोल का सोखना रोककर हार्ट प्रणाली का स्वास्थ सुधारते है।
  • प्याज ब्लड को पतला करने का एक असरकार कर्ता है। प्याज का कोलेस्ट्रोल लेवल व प्लेटलेट्स संयोजन पर भी असर दिखता है। सही मायने मे रोज एक प्याज का सेवन हार्ट को अच्छे तरीके से कार्य करने में मदद करता है।
  • हार्ट रोगों व प्लाक जमने की समस्या वाले रोगियों के लिये भी प्याज समान रूप से अच्छा है।
  • शाकाहार भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होती है। हरी सब्जियां डायबिटीज से भी दूर रखती हैं।
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Heart Disease Related Facts In Hindi

विश्व भर मे जीवन शैली के कारण होने वाले रोगों में हार्ट रोग एक अहम हिस्सा हैं। पहले हार्ट रोगों के लिये उम्र, लिंग, पारिवारिक स्वास्थ इतिहास जैसे असंशोधनीय कारक जिम्मेदार थे। यहाँ हम भारत में हार्ट रोगों की नाटकीयता के कुछ तथ्यों की तरफ रोशनी डालते है। Read heart disease related facts in hindi (Dil ki Beemari ke Facts).

Dil ki Beemari ke Facts

Heart Disease Related Facts In Hindi

(Dil ki Beemari ke Facts)

  • भारत की तकरीबन 27 अरब से अधिक की कुल आबादी में से 45 करोड़ लोग कॉरोनरी आर्टरी रोग से ग्रस्त हैं मौजुदा अनुमानों के अनुसार- भारत में जल्द ही विश्व के सबसे अधिक हार्ट रोगों के मामले होगें।
  • अपनी खराब जीवन शैली के चलते अधिकाधिक युवा भारतीय कॉरोनरी आर्टरी रोगों से ग्रस्त हो रहे है और अगर यह जारी रहा तो भविष्य अधिक भयावाह हो जायेगा।
  • 70 प्रतिशत भारतीय शहरी आबादी में हार्ट रोग पाये जाने का खतरा है। यह खास तौर पर अपौष्टिक खान-पान की आदतों, शारीरिक कार्यों कि कमी व तनाव के कारण हैं।
  • शारीरिक निष्क्रियता हार्ट प्रणाली रोगों, टाइप 2 डायबिटीज व मोटापे के खतरे को दो गुना कर देती है। यह हाई ब्लड प्रेशर, लिपिड लेवल में असतुंलन व चिंता के खतरे को बढ़ाती है जो कि अपने आप में हार्ट रोगों में योगदान करता है।
  • हार्ट रोगों से मरने वालों मे से 1/5 कॉरोनरी हार्ट रोगों से ग्रस्त होती है। सन् 2020 तक कुल मृत्युओं में से 1/3 कॉरोनरी हार्ट रोग के कारण होगी।
  • भारतीय डायबिटीज रोग के शिकार अपेक्षाकृत कम उम्र (करीब 45 साल में हो जाते हैं। जो कि जीवन्त पर्यन्त हार्ट रोगों का खतरा बढ़ा देता है। डायबिटीज के अलावा, हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट रोगों के बढ़ने का कारण है। पिछले 50 वर्षो में हाई ब्लड प्रेशर की व्याप्ति निंरतर हुई है, शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा।
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Benefits Of Cashew Nut In Hindi

काजू का सेवन हार्ट को स्वस्थ रखता है। काजू अच्छे फैट से भरे होते हैं व इनमें 0 कोलेस्ट्रोल होता है जो बुरे LDL कोलेस्ट्रोल के कम करने मे सहायक है। Read health benefits of cashew nut in hindi (Kaju khane ke Health Benefits).

Kaju khane ke Health Benefits

Benefits Of Cashew Nut In Hindi

(Kaju khane ke Health Benefits)

  • काजू में खूब मैगनेशियम होता है। जो कि मजबूत हड्डियों मांसपेशियों व नर्व कार्यो के लिये जरूरी है।
  • काजू मे सोडियम कम और पोटेश्यिम ज्यादा होता है। इसलिये यह ब्लड प्रेश पर नजर रखता है।
  • काजू कैंसर का खतरा घटाते हैं व शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढाते हैं। क्योंकि जस्ते से भरपूर है इसलिए ये संक्रमण से लड़ने में सहायक है।
  • काजू में मौजूद उच्च तांबे के तत्व एन्ज़ायम एक्टिविटी, होर्मोन उत्पादन, मस्तिष्क के कार्यों आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। तांबा लाल ब्लड कोशिकाओं के उत्पादन के लिए भी जरूरी है ताकि अनेमिया ना हो।
  • एक दिन मे 5 – 7 काजू बहुत है। अपनी जंक फूड की इच्छा को आप काजू से बदल कर इन्हें 2 बार में स्वास्थकारी नाश्ते के रूप में खा सकते है।
  • इनका अधिक सेवन वजन बढा सकता है अतः इन्हें कम मात्रा में खाये
  • कुछ मेवे खाने से स्वास्थ समस्यायें नहीं बल्कि ज्यादा फायदे है। बस एक मुट्ठी तक सेवन सीमित रखें तो इन्हें आप हर मौसम में खा सकते है।
  • काजू सब लोग खा सकते है सिवाय उनके जिन्हें इससे एलर्जी है या इनके कारण माइग्रेन का दर्द होता है।
  • वैसे तो काजू के कोई बुरे असर नहीं है पर मत भूलें कि इनमें कैलोरी ज्यादा होती है। इसलिए एक बार में अधिक ना खाये।
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Secrets To Keep Heart Healthy In Hindi

दिल से जुड़ी बीमारिया आज के समय मे मृतु का सबसे बड़ा कारण बन गया है। लेकिन इसका मतलब ये नही है की हम ये अपनी किस्मत पर छोड़ दें। हमे अपने स्वास्थ का ख्याल रखना चाहिए जिससे हर तरह की बीमारी हमसे दूर रहे और इस तरह का कोई ख़तरा ना हो। Read secrets to keep heart healthy in hindi (Healthy Heart ke Secrets).

Healthy Heart ke Secrets

Secrets To Keep Heart Healthy In Hindi

(Healthy Heart ke Secrets)

  • अलग अलग रंगों के फल-सब्जियों, दालें, लेग्यूम्स व कम फैट युक्त डेयरी उत्पादों का सेवन, यह कुछ तरीके हैं जो आपके खाने को नीरस बनाने से रोकेंगे।
  • अपने स्वस्थ और रहन सहन पर थोड़ा ध्यान देकर आप हृदय सम्बन्धित समस्याओ से बच सकते है। तो आज से ही इन सामान्य बातो पर ध्यान देना शुरू कर दे।
  • मोटापा दिल से सम्बन्धित कई बीमारियो की जड़ है। आप यह पता कर ले की आपकी लंबाई के हिसाब से कितना वजन आपके लिए सही है।
  • कम फैट वाला दुध व डेयरी उत्पादों का प्रयोग करें। तले की अपेक्षा सिके भुने या उबले भोजन का उपयोग करें।
  • फल व सब्जियां जैसे गाजर, ककड़ी या सेब जैसे आदि छिलके समेत खाये
  • सफेद शुगर, कोल्ड ड्रिंक, कैन्डी, चॉकलेट, केक या कुकीज़ को नजरअंदाज करें। खाने के बीच में मीठा न खाये
  • खाना बनाने में नमक का उपयोग कम करके, प्राकृतिक तरीकों से स्वाद डालने का प्रयास करें। मसाले, नींबू का रस, टमाटर व दही का प्रयोग कर सकते है।
  • ऐसे व्यायाम से मांसपेशियाँ किसी अचलयमान वस्तु या दूसरी मांसपेशियों से खिंचती है।
  • अधिक उमस आपको जल्दी थका देगी, अधिक तापमान सांस लेना मुश्किल करेगा व सीने में दर्द कर सकता है।
  • अगर आप ऐसी जगह पर हैं तो पहाडी चढ़ते समय धीमे हो जाये।
  • यदि आपका व्यायाम कार्यक्रम बीमारी, छुट्टियों या अन्य किसी कारण से बाधित हो गया है तो वापस चालू करने पर व्यायाम की मात्रा कम रखें।
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