Cancer

Cancer Fighting Diet in Hindi

 Read Blood cancer se bachne ke upay in Hindi

Benefits of Sunlight for Blood Cancer in Hindi

ब्लड कैंसर के लिए सूरज कि रौशनी के फायदे – Blood Cancer se kaise bache

अगर आप ब्लड कैंसर (Blood Cancer) से बचना चाहते हैं, तो आपके लिए सूर्य का प्रकाश यानि कि धूप लेना बहुत जरुरी है।

जी हां, हाल ही हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि Vitamin D की पर्याप्तता आपको ब्लड कैंसर (Blood Cancer) से बचाने में मददगार साबित होती है।

Vitamin D के स्त्रोत के रूप में सूर्य का प्रकाश बेहद अहम है।

हाल ही में Blood Cancer यानि Lucemia से जुड़ें आंकड़ों को लेकर किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है। वैज्ञानिकों (scientiest) द्वारा ब्लड कैंसर (Blood Cancer) को लेकर यह शोध विश्व के 132 देशों के आंकड़ों के आधार पर किया गया था।

इस शोध में उन देशों को शामिल किया गया जहां सूर्य का प्रकाश या तो पर्याप्त मात्रा में होता है, या फिर अपर्याप्त मात्रा में पहुंचता है।

शोध में सामने आए निष्कर्ष (result) के आंकड़ों में यह पाया गया है कि जिन देशों में सूर्य का प्रकाश भरपूर मात्रा में मिला वहां के लोगों में Vitamin D की कमी नहीं थी और ब्लड कैंसर (Blood Cancer) के आंकड़ों में भी कमी देखने को मिली।

वहीं जिन देशों में सूर्य का प्रकाश सही मात्रा में लोगों को नहीं मिल पाया, उनमें Vitamin D की कमी पाई गई, साथ ही ब्लड कैंसर (Blood Cancer) के आंकड़े भी अपेक्षाकृत अधि‍क थे।

इस आधार पर कहा जा सकता है, Vitamin D की कमी के कारण ब्लड कैंसर (Blood Cancer) का खतरा बना रहता है।

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कभी कभार पेट पर सूजन होने के सामान्य कारण हो सकते हैं, जिसमें पाचन संबंधी समस्या (digestion problem), सही diet न होना, गैस, तनाव, दवाओं का सेवन या बदलता वातावरण शामिल है। लेकिन अगर रोज़ आप पेट पर सूजन महसूस करते हैं, या पेट गुबार की तरह फूल रहा है, तो सावधान हो जाइए। हमेशा पेट का फूलना गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करता है। जानिए कौन सी हैं यह  गंभीर बीमारियां। Read about Pet me Sujan ke karan in hindi

Cancer due to Stomach Swelling in HindiBloated Stomach Swelling in Hindi

Pet ki Sujan ke Karan in hindi – Aanto ki sujan in hindi -Swelling in stomach

pet me sujan ke lakshan

1. लिवर की समस्या (Liver Problem)

लिवर की खराबी के कारण पेट पर सूजन नजर आती है, जिससे पेट अक्सर फूला हुआ नजर आता  है। यह Hepatitis, अत्यधि‍क alcohol का सेवन, दवाईयां या फिर liver cancer के परिणामस्वरूप भी हो सकता है।

2. आंत की समस्या (Intestinal Problem)

अगर पेट फूलने के साथ साथ पेट कठोर भी हो रहा हो और उल्टी, जी मचलाना, कब्जियत (constipation) जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं, तो यह आंत की गड़बड़ी या आंत में tumer के कारण भी हो सकता है।

3. पेट का कैंसर (Stomach Cancer due to Stomach Swelling)

पेट के कैंसर को आसानी से नहीं पहचाना जा सकता है क्योंकि शुरूआती चरण में इसके लक्षण प्रदर्श‍ित नहीं होते है, लेकिन पेट का फूलना पेट के अंदरूनी हिस्से में अवांछित परिवर्तन को के कारण हो सकता है। इस स्थि‍ति में उल्टी, मतली, वजन कम होना और अन्य infection का खतरा होता है।

4. अग्नाशय का कैंसर (Pancreatic Cancer due to Stomach Swelling)

अग्नाशय यानि पैंक्रियाज ग्रंथि‍ (Pancreas or pancreas gland) का कैंसर पेट पर सूजन के साथ-साथ पीलिया (Jaundice) के लक्षणों को प्रदर्श‍ित करता है। यह काफी घातक हो सकता है और वजन में लगातार कमी के साथ साथ आप को भूख की कमी, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हो सकता हैं।

5. गर्भाशय का कैंसर (Ovarian Cancer due to Stomach Swelling)

कुछ मामलों में पेट का फूला रहना या भरा रहना गर्भाशय के कैंसर (ovarian cancer) के लक्षणों में शामिल होते हैं। इस स्थि‍ति में श्रोणि‍ (Pelvis) या पेट के निचले हिस्से में दर्द और अधि‍क भराव महसूस होता है। सामान्यत: 50 या 50 से अधि‍क उम्र की महिलाएं या गंभीर स्थि‍ति वाली महिलाएं इसका शि‍कार हो सकती हैं।

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Cancer Fighting Food in Hindi

बदलती हुई लाइफस्टाइल के कारण मानव शरीर पर इसके बाद इफेक्ट्स पड़ने शुरू हो गये है। इसकी वजह से हमारी बॉडी सीरियस बीमारियो से घिरती जा रही है। अनियमित ख़ान पान और बुरी आदतो के कारण बॉडी मे कैंसर जैसी सीरियस बीमारियो का होना आजकल आम बात है। Read Cancer Fighting Food in Hindi (Cancer Ho Jane Par Kya Khaye).

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Cancer Fighting Food in Hindi

(Cancer Ho Jane Par Kya Khaye)

कैंसर से लड़ने वाले कुछ स्वास्थ्यकारी खाद्य पदार्थ निम्न है:-

  • एवोकैडो का सेवन मुख्य रूप से ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। यह ऊर्जादायक है जो हमारे शरीर में पोषक तत्वों के स्तर को बढ़ाता है। इसमें ऐलिफैटिक एसिटोजेनिन्स होते है जो इसे कैंसर से लड़ने वाला बनाते है।
  • काले हड्डियों की ताकत और श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ाता है। इसमें सल्फोरैफेन नामक रसायन होता है जो कैंसर से लड़ने में सहायक है।
  • समुद्री शैवाल और समुद्री सब्जियाँ मैग्नीशियम से भरपूर होती है। ये शरीर की स्थिति को सुधारते है और प्राकृतिक रूप से उपचार में सहायक है।
  • मुलैठी में मौजूद ग्लिसराइजिक एसिड जैसे यौगिक हाइपरकैलेमिया को दुर करते है। यह विशेष रूप से मुत्र मार्ग संबंधी कैंसर, किडनी कैंसर के उपचार में प्रभावी है।
  • अंजीर तुरंत ऊर्जा प्रदान करने वाला है। यह अल्सर जो मुख्य रूप से पेट के कैंसर का कारण हो सकता है उसको ठीक करता है।
  • पपीते का छिलका भी औषधीय तत्वों से भरपूर होता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं को दुर करता है, किडनी और लीवर को सुधारता है।
  • प्रतिदिन एक कप ग्रीन टी से बढि़या क्या हो सकता है। यह ब्रैस्ट, प्रोस्टेट, ऑवेरियन और एंडोमेट्रियल कैंसर को ठीक करने में सहायक है।
  • कसावा मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट का स्त्रोत है और प्रोटीन, एमिनों एसिड्स और अन्य आवश्यक एसिड्स से भरपूर होता है। यह हड्डी या रीढ़ की हड्डी के कैंसर का इलाज करता है।
  • रोज़मेरी कार्नोसिक एसिड, रोज़मेंरिनिक एसिड और आर्सोलिक एसिड से भरपूर सदाबहार औषधि है जो गले और फैंफड़ों के कैंसर को दुर करने में सहायक है।

Wheatgrass Juice for Cancer in Hindi

गेंहू के ज्वारे के रस के अलावा दही भी कैंसर और खतरनाक रोगों कि संभावनाओं को खत्म करती है। इसके अलावा लहसुन के सेवन से भी कैंसर नहीं होता है। यह लिवर को उत्तेजित करता है जिससे रोगी को बहुत लाभ पहुँचता है परंतु स्वस्थ व्यक्ति के लिए यह सही नहीं है। कच्चे फल, सब्जियों के रस आदि कैंसर रोगियों के लिए उत्तम भोजन है। Read Wheatgrass Juice for Cancer in Hindi (Gehu ke Jwar ka Ras Cancer ke Liye).

Wheat Juice for Cancer in Hindi

Wheatgrass Juice for Cancer in Hindi

(Gehu ke Jwar ka Ras Cancer ke Liye)

गेंहू के ज्वारे का रस बनाने की विधि (How to Make Wheat Juice)

10-12 गमलों में साफ खाद रहित मिट्टी भर लें। रोज एक गमले में आधी मुट्ठी गेंहू बोए और पानी डालते रहें। गमलों को छाया में न रखें। जब एक गमले में पौधे 6 इंच के हो जाए तो उखाड़ ले और इनकी जड़ काटकर फेंक दें। इनको धोकर साफ करके चटनी की तरह पीस कर कपड़े में डालकर कर निचोड़ लें। इस रस को रोज सुबह-शाम पिए। इस प्रकार इस विधि को जारी रखे। इसके साथ-साथ ही आधा कप wheatgrass को धोकर किसी बर्तन में दो कप पानी में भिगोकर रख दे। 12 घंटे बाद इस पानी को सुबह-शाम पिए। आप देखेंगे कि यह भयंकर रोग 8-10 दिन या 15-20 दिन बाद भागने लगेंगा और 2-3 महीने में आप रोगमुक्त हो जाएगे।

 

गेंहू के रस में नींबू व नमक नहीं मिलाएँ। इस पानी को पीने के कुछ समय बाद तक कुछ और न खाएं। गेहूं का रस पीते समय कच्चा खाना, जैसे –सब्जी, फल, अंकुरित अनाज आदि के ज्यादा सेवन करने से शीघ्र लाभ होगा।

 

Cervical Cancer in Hindi

पूरी दुनिया में दस में एक महिला सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की शिकार है। भारत में जागरूकता और इलाज की कमी की वजह से यह बीमारी जानलेवा साबित हो रही है। महिलाओं को इस बीमारी के इलाज की जानकारी भी नहीं होती है। इसे बच्चादानी, गर्भाशय या फिर यूट्राइन सर्विक्स कैंसर भी कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर हृयुमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है। इसके ज्यादा तर केस 40 साल या इससे ऊपर की महिलाओं में देखे गये हैं। Read about Cervical Cancer in Hindi (Cervical Cancer kya Hota Hai).

Cervical Cancer in Hindi (Cervical Cancer Kya Hota Hai)

Cervical Cancer Information in Hindi

सर्वाइकल कैंसर होने के लक्षण  (Symptoms of Cervical Cancer)

सर्वाइकल कैंसर को सामान्य तौर पर पहचानना मुश्किल होता है। लेकिन कई ऐसे लक्षण होते है जिससे इन्हे पहचाना जा सकता है। तो आइए सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों के बारे में जाने।

1. अनियमित मासिक धर्म (Irregular Menstruation)

इस कैंसर के हो जाने से मासिक धर्म अनियमित हो जाता है। यहा तक की मेनोपॉज़ के बाद भी रक्तस्तराव होता है।

2. वाइट डिसचार्ज (White Discharge)

योनि से हमेशा बदबूदार सफेद पानी का बहना और मासिक धर्म के दौरान बदबू आने जैसी समस्या इसमे बनी रहती है।

3. अनियमित रक्त स्ट्राव (Irregular Bleeding)

Menopause के बाद योनि से रक्त बहना और संभोग के दौरान रक्त का स्ट्राव होना भी इस कैंसर का लक्षण होता है।

सर्वाइकल कैंसर का इलाज (Treatment of Cervical Cancer)

सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी होता है की महिलाओ में यह कितना फैल चुका है। आइए जानते है इसके लिए ट्रीटमेंट।

1. सर्जरी (Surgery)

सर्जरी, ग्रीवा कैंसर के प्राथमिक दो चरणो के इलाज के लिए की जाती है। यह सर्जरी करने से पहले यह जानना बहुत ज़रूरी होता है की महिला कितने साल में गर्भवती हुई और कितने बच्चे है। इस सर्जरी को Hysterectomy कहा जाता है। यह गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय को निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी होती है।

 

2. Chemotherapy:

इस थेरपी में कैंसर कोशिकाओ को नष्ट करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है। Chemotherapy का अकेले इस्तेमाल करने से महिलाओ में कुछ साइड एफेक्ट भी हो सकते है इसलिए इसके साथ रेडीयेशन थेरपी को भी शामिल किया गया है। इसके द्वारा महिलाओ की योनि से रक्त स्ट्राव होना, दर्द होने जैसी बहुत सी समस्याओ का इलाज हो जाता है।

 

3. रेडीयेशन थेरपी (Radiation Therapy)

इस थेरपी में X-Rays विकिरण के द्वारा कैंसर कोशिकाओ और ट्यूमर कोशिकाओ को हटाया जाता है। यह प्रणाली तब उपयोग में लाई जाती है जब महिलाओ को ग्रीवा कैंसर बहुत दिनों से हो। इसमे दो प्रकार की therapy उपयोग में लाई जाती है।

 

  1. एक्सटर्नल रेडीयेशन थेरपी (External Radiation Therapy): इस थेरपी में एक बड़ी रेडीयेशन मशीन के द्वारा कैंसर कोशिकाओ को नॅस्ट किया जाता है।
  1. इंटर्नल रेडीयेशन थेरपी (Internal Radiation Therapy): इस थेरपी को brachytherapy भी कहा जाता है। इसमे योनि के पास एक छोटा सिलिंडर रखा जाता है और बाहर से radiodharmi विकिरण इस सिलिंडर में प्रवेश कराई जाती है, इस प्रकार इसमे इलाज किया जाता है।

आज आपने जाना सर्वाइकल कैंसर के बारे में। यदि महिलाओ में इस कैंसर के लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

Cervical Cancer in Women in Hindi

सर्वाइकल कैंसर एक पारकार का सामान्य कैंसर होता है जो की गर्भाशय के प्रवेश द्वार पर होता है। सर्वाइकल कैंसर को ग्रीवा कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यह महिलाओ की कोशिकाओ में अनियमित व्राद्धि के कारण होता है। Read Cervical Cancer in Women in Hindi (Mahilao Mein Cervical Cancer ke Karan).

Cervical Cancer in Women in Hindi

Cervical Cancer in Women in Hindi

(Mahilao Mein Cervical Cancer ke Karan)

सर्वाइकल कैंसर होने के कारण (Causes of Cervical Cancer)

सर्वाइकल कैंसर होने का सबसे आम कारण Human papillomavirus (HPV) को माना जाता है। यह ज़्यादातर तब होता है जब कोई भी महिला HPV से पीढ़ीत पुरुष के साथ संबंध बनती है। इसमें महिलाओ को शरीर पर सूजन रहना या फिर पेशाब में खून आना जैसी समस्याए होती है। आइये जानते है कुछ सर्वाइकल कैंसर के कारण।

  1. लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियो का इस्तेमाल करना।
  2. शरीर में हार्मोंस की गड़बड़ी होना।
  3. शरीर में हार्मोंस की गड़बड़ी होना।
  4. महिलाओ के आहार में फल और सब्जियो की कमी होना।
  5. कम उम्र (17 साल) में ही गर्भवती हो जाना।
  6. अत्यधिक धूम्रपान करना।
  7. Chlamydia virus से संक्रमित होना।
  8. तीन से अधिक गर्भधारण करना।

सर्वाइकल कैंसर(ग्रीवा कैंसर) के प्रकार (Types of Cervical Cancer)

ग्रीवा कैंसर मुख्या रूप से 2 प्रकार के होते है।

Squamous Cell Cervical Cancer:

यह सामान्य प्रकार का कैंसर होता है जो की त्वचा की कोशिकाओ और गर्भाशय ग्रीवा में फैलता है।

Adenocarcinoma Cervical Cancer:

यह कैंसर तब होता है जब संक्रमित ग्रंथो और कोशिकाओ की वजह से यह कैंसर सर्वाइकल canal(ग्रीवा नहर) तक पहुच जाता है।

सर्वाइकल कैंसर के चरण (Stages of Cervical Cancer)

ग्रीवा कैंसर कई चरणो से होकर गुज़रता है और फिर एक भयानक रूप ले लेता है।

  1. शुरुआती तौर में यह कैंसर श्लेष्मा झिल्ली पर बदलाव लाता है। इस अवस्था को Epithelium Dysplasia कहते है। यदि शुरुआती तौर पर ही इसका इलाज कर लिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है।
  1. इसके दूसरे चरण को “Cancer in C2” कहा जाता है। इस अवस्था में कैंसर वाले बदलाव तो होते है लेकिन इसके फैलने की क्षमता नही होती है। इस अवस्था में भी महिलाओ को संपूर्णा इलाज से बचाया जा सकता है। यह चरण करीब 8 साल तक बना रहता है।
  1. सही समय से इलाज ना होने पर यह ग्रीवा कैंसर वास्तविक Invasive कैंसर का रूप ले लेता है और आसपास के अंगो में तेज़ी से फैलना शुरू कर देता है।

Remedies for Anal Cancer in Hindi

HIV + वाले किसी भी व्यक्ति के साथ संबंध बनाने से भी गुदा कैंसर होता है। यह कैंसर 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष और 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओ में अधिक देखा गया है। यदि आप गुदा कैंसर के सभी कारण और लक्षण को समझ गये है तो आइये जानते है इस कैंसर को डायग्नोसिस कैसे करे। Read Remedies for Anal Cancer in Hindi (Anal Cancer ka Upchar).

Remedies for Anal Cancer in Hindi

Remedies for Anal Cancer in Hindi

(Anal Cancer ka Upchar)

  1. एंडोस्कोपी: गुदा कैंसर का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर बड़ी आँत, गुदा, मलाशय की जाँच करते हैRemedies for Anal Cancer in Hindi और इस जाँच के लिए वो लेंस और वीडियो कॅमरा के साथ एक रोशन ट्यूब का इस्तेमाल करते है।
  1. बाइयाप्सी: यह उत्तको(टिश्यू) के नमूनओ को हटाने की एक सर्जरी होती है जिसमे माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया जाता है और कैंसर का पता लगाया जाता है।
  1. इसके अलावा गुदा का परीक्षण करने के लिए CT Scan, MRI Scan और Ultra Sound Scan किया जाता है।

 

गुदा कैंसर के उपचार (Remedies for Anal Cancer)

गुदा कैंसर की जाँच करने के बाद यह निर्भर करता है की व्यक्ति कैंसर के किस चरण से होकर गुजर रहा है तभी उसका इलाज किया जा सकता है। आइए जाने इसका इलाज किन-किन तरीक़ो से किया जा सकता है।

 

  1. सर्जरी: इस प्रक्रिया के द्वारा tumer और संक्रमित उत्तको को ऑपरेशन की सहयता से दूर किया जाता है। यह ऑपरेशन कैंसर के प्रकार पर निर्भर करता है की किस प्रकार की सर्जरी की जानी है।

 

  1. Chemo Therapy: इसमे कैंसर कोशिकाओ की अनियंत्रित रूप से वृद्धि को रोका जाता है और इसके लिए दवाओ का इस्तेमाल किया जाता है।

 

  1. Abdominoperineal Resection के द्वारा भी गुदा कैंसर का इलाज किया जाता है।

 

  1. Radiation Therapy: इस therapy में कैंसर कोशिकाओ को नष्ट करने के लिए हाइ पवर की x-rays विकिरणों का इस्तेमाल किया जाता है।

 

यदि आपको या फिर आपके आसपास किसी को भी गुदा कैंसर हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले और स्वस्थ रहे।

Bile Duct Cancer in Hindi

हमारे शरीर में भोजन पाचन तंतरा की सहयता से पचता है। लेकिन जब इस पाचन तंत्र में कोशिकाओं की गड़बड़ी के कारण कोई भी परेशानी हो तो यह पेट दर्द, सही तरह से पाचन ना होना और मोस्ट कॅन्सर्स जैसी दुर्लभ बीमारी का कारण बन सकता है।
पित्त की नली में कैंसर हो जाने पर उसके level को पहचानने के लिए कई प्रकार की जाँच की जाता है। Read about Bile Duct Cancer in Hindi (Bile Duct Cancer Kya Hota Hai).

Bile Duct Cancer Information in Hindi

Bile Duct Cancer in Hindi

(Bile Duct Cancer Kya Hota Hai)

  1. स्ट्रीट (कंप्यूटराइज़्ड टोमोग्रफी) स्कॅन
  2. Spiral CT Scan
  3. अल्ट्रसाउंड स्कॅन
  4. बाइयाप्सी
  5. MRI (मॅग्नेटिक रेज़नेन्स इमेजिंग) स्कॅन
  6. ERCP (Endoscopic Retrograde CholangiopanCreatography)
  7. आंजियोगरॅम
  8. लॅपेरोटमी

यह कैंसर शरीर की bloodstream और lymphatic system में फैलने लगता है। Lymphatic System शरीर को कई बीमारियो और संक्रमण से बचाने में मदद करती है। पित्त नली के कैंसर के कई चरण होते है।

बाइल डक्ट कैंसर – इसके मुख्या चरण (Stages of Bile Duct Cancer)

 

स्टेज 1 (Stage 1)

  1. इस चरण में कैंसर पित्त नली के भीतर ही रहता है।
  2. इस चरण में कैंसर पित्त नली की सभी दीवारो तक फैल जाता है। लेकिन आसपास के लिंफ नोड्स और अन्य संरचनाओ तक नही पहुच पता है।

स्टेज 2 (Stage 2)

  1. कैंसर शरीर के लिवर, पित्ताशय और उसके आसपास की रक्त वाहिकाओ तक फैल जाता है। लेकिन लिंफ नोड्स तक नही पहुच पता।
  2. इस चरण में कैंसर लिंफ नोड्स तक पहुच जाता है।

स्टेज 3 (Stage 3)

कैंसर मुख्य रक्त वाहिकाओ तक पहुच जाता है। यह रक्त वाहिकाए रक्त को लिवर से लेकर सभी कोशिकाओ, पेट की दीवार, छोटी आँत और बड़ी आँत तक पहुचती है। जिससे पेट का लिंफ नोड्स भी प्रभावित हो जाता है।

स्टेज 4 (Stage 4)

इस स्टेज में कैंसर शरीर के दूरस्थ भागो यानी लंग तक पहुच जाता है। व्यक्ति में इस कैंसर के चरण और लक्षण देखकर व्यक्ति का इलाज किया जाता है।

बाइल डक्ट कैंसर के उपचार (Remedy for Bile Duct Cancer)

 

  1. स्टेंट इन्सरशन
  2. सर्जरी
  3. रेडियोथेरेपी
  4. फोटोड़यनामिक थेरपी
  5. कीमोथेरेपी
  6. Chemoradiation

Anal Cancer in Hindi

कैंसर के कई प्रकार है, जैसे आँखो का कैंसर, पेट का कैंसर आदि। इसी तरह अनल कैंसर भी कैंसर का ही एक रूप है। यह कैंसर अनस(गूदा) में होता है। इस बीमारी में कैंसर के cell, गूदे के उत्तको में विकसित होने लगते है। जब यह आसामान्ये रूप से विकसित होते है तब एक घातक tumer का रूप ले लेते है। Read Anal Cancer in Hindi (Kyu Hota Hai Anal Cancer).

Anal Cancer in Hindi

Anal Cancer in Hindi

(Kyu Hota Hai Anal Cancer)

गूदे में कैंसर होने पर कई परेशानिया सामने आती है। जैसे गूदे से खून का बहना, खुजली होना, सूजन आना आदि लक्षण दिखाई देने लगते है। इन समस्याओ के दिखते ही तुरंत ही चिकित्सक से इलाज करवाना चाहिए।

गुदा कैंसर के लक्षण (Symptoms of Anul Cancer)

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण शुरुवती तौर में समझ नही आते है। लेकिन फिर भी कुछ ऐसे लक्षण भी होते है जो की गुदा कैंसर के विकास का कारण बनते है और इसे पहचाना जा सकता है। जैसे की अधिक मात्रा में रक्त निकलना इसका एक शुरुवती लक्षण है। आइए जाने और भी कई अनल कैंसर के लक्षण।

  1. गुदा में सूजन रहना
  2. असमान्ये रूप से माल निकलना
  3. गुदा के पास गाँठ का बनना और खुजली होना
  4. मलाशय से रक्त स्ट्राव होना
  5. गुदा में दर्द और किसी प्रकार का दबाव महसूस होना
  6. महिलाओ के पीठ के निचले हिस्से में हमेशा दर्द बने रहना
  7. मल त्याग में परेशानी होना
  8. महिलाओ की योनि में सुखापन होना

गुदा कैंसर के कारण (Causes of Anal Cancer)

गुदा कैंसर महिलाओ और पुरुषो दोनो में पाया जाता है और संभोग करने से यह कैंसर फैलता भी है। शोधो के द्वारा यह पता चला है की HIV + वाले किसी भी व्यक्ति के साथ संबंध बनाने से भी गुदा कैंसर होता है। यह कैंसर 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष और 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओ में अधिक देखा गया है।

  1. Human Papilloma Virus(HPV) के संक्रमण से: HPV एक प्रकार का वाइरस होता है जो की गुदा कैंसर के बहुत करीब होता है। शोधो की माने तो HPV वाइरस की वजह से 80 प्रतिशत लोग गुदा कैंसर से पीड़ित होते है।
  1. महिलाओ को यदि पहले से ही ग्रीवा कैंसर हो और पुरुषो को Penile कैंसर हो तो दोनो में ही अनल कैंसर होने का ख़तरा बन जाता है क्योकि इन दोनो कैंसर में HPV वाइरस पाया जाता है।
  1. एक से ज़्यादा व्यक्तियो के साथ संबंध बनाने से भी गुदा कैंसर होता है।
  1. धूम्रपान करने वाले व्यक्तियो में भी यह कैंसर होने का ख़तरा रहता है क्योंकि धूम्रपान करने से कई प्रकार के कैंसर होते है।
  1. IBD (इरिटबल बोवाले डिसीज़), बवासीरफिस्टूलाए, गुदा अंगो में सूजन बने रहना भी गुदा कैंसर का कारण होता है।
  1. गुदा संभोग प्राप्त करने वाले महिला और पुरुष दोनो में गुदा कैंसर होने का ख़तरा होता है।

जिन व्यक्तियो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनमे भी गुदा कैंसर होने का ख़तरा होता है।

Symptoms of Bile Duct Cancer in Hindi

हमारे शरीर में भोजन पाचन तंत्र की सहयता से पचता है। लेकिन जब इस पाचन तंत्र में कोशिकाओ की गड़बड़ी के कारण कोई भी परेशानी हो तो यह पेट दर्द, सही तरह से पाचन ना होना और कैंसर जैसी दुर्लभ बीमारी का कारण बन सकता है। Read about Symptoms of Bile Duct Cancer in Hindi (Kya Hota Hai Bile Duct Cancer).

Bile Duct Cancer in Hindiबाइल डक्ट कैंसर, कैंसर का एक प्रकार होता है जो की पित्त नली में होता है। यह कैंसर मुख्य रूप से 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति को होता है। परेशानी की बात तो यह है की इस कैंसर के लक्षण शुरुवती तौर में दिखाई नही देते है, बल्कि जब यह कैंसर पूर्ण रूप से घातक बीमारी का रूप ले लेता है तब इसका सही तरह से पता चल पाता है। इससे बचने के लिए आइए जाने बाइल डक्ट कैंसर लक्षणों को, ताकि इसकी शुरुवत में इसका इलाज कर सके।

Symptoms of Bile Duct Cancer in Hindi

पित्त नली के कैंसर के लक्षण (Kya Hota Hai Bile Duct Cancer)

1. त्वचा में खुजली होना (Irritation on Skin)

व्यक्ति के शरीर में bilirubin का लेवल बढ़ने की वजह से त्वचा में खुजली होने के लक्षण दिखाई देने लगते है।

2. पीलिया (Jaundice)

इसमें पीड़ित व्यक्ति की त्वचा का रंग पीला पढ़ जाता है। साथ ही इस कैंसर की वजह से पित्त को, छोटी आँत में जाने और उसके प्रवाह में बाधा होती है। बाइल डक्ट कैंसर शरीर के रक्त को उत्तको तक जाने में भी बाधक बनता है।

3. गहरे और पीले रंग का पेसाब (Dark Yellow Colour Urine)

पित्त नली के कैंसर के मरीज का मुत्रा गहरा और पीले रंग का होता है। यह रंग खून में bilirubin के लेवल के बढ़ने के कारण होता है।

4. पेट में सूजन और दर्द रहना (Swelling in Stomach and Pain in Stomach)

इस कैंसर में कोशिकाए सही तरह से काम करना बंद कर देती है, जिससे पेट में और शरीर में सूजन बनी रहती है। साथ ही पेट में हमेशा दर्द बना रहता है।

5. थकान और कामज़ोरी (Tiredness and Weakness)

इस कैंसर से ग्रसित मरीज का वजन बहुत कम हो जाता है, साथ ही उसे किसी भी काम को करने पर बहुत जल्दी थकान और कामज़ोरी महसूस होने लगती है।

6. मतली और बुखार रहना (Nausea and Fever)

लिवर और शरीर के खून में bilirubin के लेवल के बढ़ने और संक्रमण की वजह से पित्त नली में रुकावट होना, बुखार और मतली आना जैसी समस्याए होती है।

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