Arthritis

Drink for Strong Knees in Hindi

घुटने हमारे शरीर और पैरो के लिए बेहद महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारी गति और पैरों की क्षमता को निर्धारित करते हैं। उम्र के साथ-साथ हमारे घुटने जवाब देने लगते हैं, जिसका मुख्य कारण घुटनों में चिकनाहट का कम होना है। अगर आप लंबे समय तक घुटनों और शरीर को स्वास्थ्य बनाए रखना चाहते हैं, तो इस स्वादिष्ट और चमत्कारी drink के बारे में जरूर जानिए। Read knee pain home treatment in hindi ghutno main dard

प्राकृतिक रूप से बना यह drink घुटनों की मांसपेशि‍यों को मजबूत करने के साथ साथ चिकनाहट भी बनाए रखने में मदद करेगा और उनकी सक्रियता और लचीलापन भी बना रहेगा। जानिए कैसे बनाते हैं इस drink को।

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(Ghutno ko Majbut Karne ka Drink)

घुटनो के लिए Drink बनाने के लिए सामग्री (Ingredients for Drink for Strong Knees)

  • 1 कप Oats
  • लगभग 250 मिली पानी
  • 2 कप कटा हुआ अनानास (pineapple)
  • 40 ग्राम शहद (Honey)
  • 40 ग्राम बादाम (Almond)
  • लगभग 7 ग्राम दालचीनी (Cinnamon)
  • 1 कप संतरे का रस (Orange Juice)

 

घुटनो के लिए Drink बनाने की विधि‍ (Procedure to Make Drink for Knees)

Oats को पहले पका लें, इसके बाद अनानास (pineapple) के टुकड़ों को बारीक कर लें और फिर उसका रस निकाल लें।

अब बादाम (Almond), दालचीनी (Cinnamon), शहद (Honey) और संतरे के रस (Orange Juice) को juicer में एक साथ पीस लें।

अब इसमें अनानास (pineapple) और oats के मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं। जब यह गाढ़ा मिश्रण तैयार हो जाए तब इसे एक बार बर्फ के साथ mixture में चला लें।

Vitamin C, Silicon, magnesium एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर यह drink आपके घुटनों के लिए तो काफी फायदेमंद है ही, साथ ही यह आपकी पूरी सेहत के लिए ऊर्जा और पोषण से भरपूर भी साबित होगा।

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Foods For Females In Arthritis In Hindi

गठिया रोग शरीर की हड्डियो में यूरिक एसिड की मात्रा ज़्यादा बाद जाने से होता है। जब यह यूरिक एसिड  हड्डियो में जमने लगता है तो गठिया रोग का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड कई तरह के आहार को खाने से बनता है. इस रोग के होने पर पीड़ित व्यक्ति के शरीर के कई हिस्से जैसे जोड़ो में दर्द, अकड़न या फिर सूजन आ जाती है और कई बार जोड़ो में गांठे भी बन जाती है। इन हिस्सो पर हाथ लगाने पर और ऐसे भी दर्द बना रहता है। कम फैट वाली चीज़ों से घुटनों का गठिया रोका जा सकता है। गाय का दूध हड्डियों को स्वस्थ बनाता है, ये सदियों से माना जा रहा है। Read about foods for females in arthritis in hindi (Arthritis Mein Mahilaye Kya Khaye).

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Foods For Females In Arthritis In Hindi

(Arthritis Mein Mahilaye Kya Khaye)

  • मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं और गठिया से होने वाली सूजन को कम करते हैं।
  • पत्तागोभी अगर कच्ची खायी जाये तो गठिया से आराम देती है। इसके अलावा कच्ची पत्तागोभी खून साफ़ करने का भी काम करती है।
  • लाल मिर्च में पाए जाने वाले तीखे तत्व गठिया में होने वाली सूजन और दर्द से आराम देते हैं।
  • चैरी को अपने भोजन में शामिल करना गठिया से लड़ने का बढ़िया तरीका है। शरीर में से फ्री रेडिकल्स को हटा कर कार्टिलेज, टेंडन्स और जोड़ों को शक्ति देने का काम करती है।
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Remedies for Rhumatoid Arthritis in Hindi

काफी लोगों ने आर्थराइटिस के उपचार के लिए आयुर्वेदिक और अन्य प्राकृतिक उपचार की तरफ रुख किया है। बहुत सारे आसान प्राकृतिक उपचार है जिन्होंने आर्थराइटिस के उपचार में कारगर असर दिखाया है। यहाँ जोडों के दर्द से राहत भरा उपचार देने में सहायक कुछ उपचार हैं। Read Home Remedies for Rhumatoid Arthritis in Hindi (Rhumatoid Arthritis Ke Gharelu Upchar).

Rhumatoid Arthritis Ke Gharelu Upchar

Remedies for Rhumatoid Arthritis in Hindi

(Rhumatoid Arthritis Ke Gharelu Upchar)

  • चेरीज़ मैग्नेशियम में प्रचुर होती है जो कि प्राकृतिक दर्द नाशक हैं। साथ ही इसमें पोटेशियम भरपूर होता है जो सूजन कम करता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए 6 से 8 चेरीज़ रोज खाएँ ।
  • वॉटर थैरेपी उपचार एक अच्छा व आसानी से उपलब्ध घरेलू उपचार है। इसमें दर्द वाले जोडों को 1 घंटे के लिए गर्म पानी में रखा जाता है।
  • अदरक को अपने रोज के भोजन में शामिल करना आर्थराइटिस के दर्द को खत्म करने में मदद करेगा। अदरक को आप सॅासेज, सब्जी, सलाद, चावल या सूप में प्रयोग कर सकते है।
  • ऐलोवेरा सूजन व दर्द को कम करने में मदद करता है जो आर्थराइटिस के ठीक होने को बढ़ावा देता है यह प्रतिरोधी तंत्र को बढ़़ावा देता है।
  • कपूर और सरसों का तेल का मिश्रण प्रभावित जगह पर ब्लड संचार बढ़ाता है। यह जोडों में सूजन व अकड़न कम करने में भी असरकारक हैं। सरसों के तेल में कपूर डालकर तब तक गर्म करें जब तक कपूर घुल ना जाए। इस गुनगुने तेल का प्रभावित जगह पर लगा कर मसाज करें।
  • जोड़ों के दर्द व सूजन के उपचार के लिए आपको चाहिए एक गिलास आलू के फ्लेवर वाला ठंड़ा पानी। एक गिलास ठंडे पानी में आलू के टुकड़े रात भर के लिए डालें। इस पानी को रोज सुबह खाली पेट पिएँ।
  • हरे चने और लहसुन के मिश्रण को आर्थराइटिस के आसान उपचार के इस्तेमाल करे। हरे चनों को रात भर के लिए पानी में भिगो कर अंकुरित करे लें। इन अंकुरित चनों में कुटा हुआ लहसुन मिलाएँ व अच्छे से हिला ले। इस मिश्रण को दिन में दो बार लें। इसे थोडा स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें थोडी सी काली मिर्च छिड़क सकते है।
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Symptoms Of Arthritis In Hindi

दूनिया भर में जोड़ों की बीमारी आम हो गई हैं। लोगों में आर्थराइटिस ( Arthritis ) के लिए जागरुकता काफि कम है। सबसे ज्यादा हिन्दुस्तानी आर्थराइटिस ( Arthritis ) बीमारी की चपेट में हैं। गांव से लेकर शहर तक के पढ़े-लिखे साहब से अनपढ़ तक। डॉक्टरों की माने तो आर्थराइटिस 200 प्रकार होते हैं। आर्थराइटिस ( Arthritis ) रोग के बढ़ जाने पर तो चलने-फिरने या हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है। आइये  जानते आर्थराइटिस के लक्षणों के बारे में (Arthritis ke Lakshan). Read Symptoms Of Arthritis In Hindi (Arthritis Ke Lakshan).

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Symptoms Of Arthritis In Hindi

(Arthritis Ke Lakshan)

आर्थराइटिस ( Arthritis ) के लक्षण आसानी से चिन्हित किये जा सकते है।

  • इसमें जोड़ों में दर्द होता है व उनकी कार्यशीलता कम हो जाती है। ऐसा जोड़ों में सूजन के कारण होता है।
  • जोड़ों में दर्द, सूजन, ललाई और अकड़न होने से आर्थराइटिस की पहचान कर सकते है। सूजन बहुत छोटे जोडों में भी हो सकती है
  • कुछ लक्षण जोडों के अलावा शरीर के दूसरे अंगों पर भी प्रभाव डाल सकते है।
  • कुछ आर्थराइटिस मरीजों में ये लक्षण ग्रन्थियों में सूजन, वजन कम होना, बुखार, थकान, अच्छा ना लगना भी हो सकते हैं।
  • कुछ मामलों में फेफडों, ह्रदय और गुर्दों जैसे अंगों में असामान्यताओं के भी कुछ लक्षण हो सकते है।
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Arthritis Types In Hindi

अधिकतर लोग इस झूठी अवधारणा के अंधकार में रहते है कि सारे आर्थराइटिस (Arthritis ) एक जैसे होते है। इसलिए सबसे पहले यह जाने कि व्यक्ति किस प्रकार के आर्थराइटिस ( Arthritis ) से ग्रस्त हैं। आर्थराइटिस ( Arthritis ) करीब 100 से अधिक प्रकार के होता है, उनमें से कुछ सबसे सामान्य पाई जाने वाले हैं। Read About Arthritis Types In Hindi (Arthritis Kitne Prakar ke Hote Hai)

Arthritis Kitne Prakar ke Hote Hai

Arthritis Types In Hindi

(Arthritis Kitne Prakar ke Hote Hai)

  • ऑस्टियो आर्थराइटिस (Osteo Arthritis ) में कार्टिलेज अपना लोच खो कर अकड़ जाता है और इस कारण इसे आसानी से हानि पहुंच सकती है। दरअसल कार्टिलेज शरीर को लगने वाले झटके बर्दाशत कर सकता है और इसी वजह से कमजोर होता जाता है।
  • संक्रामिक आर्थराइटिस (Infected  Arthritis) जोडों के टिश्यूज़ और सिनॉक्यिल फ्लूइड में वाला सक्रंमण है। यह बैक्टिरिया, फंगस और वायरसेस के कारण होता है। संक्रमित टिश्यू से ब्लड धारा के साथ बहकर फैल सकता है और जोड़ों को संक्रमित कर सकता है।
  • रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid  Arthritis) सूजन के कारण होने वाला आर्थराइटिस (Arthritis) का एक प्रकार है। इसमें सायनावियल मैक्ब्रेन पर असर होता है जो सूजन व दर्द पैदा करता है। रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस (Arthritis) पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पाया जाता है।
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Food for Arthritis Patients in Hindi

अर्थराइटिस में सूजन लम्बी तथा लगातार बानी रहती है। यह गति को कम कर जोड़ो को सख्त बनाती है, सूजन बढ़ाती है। अनेक भोजन तथा आहार अर्थराइटिस रोग के दर्द में आराम पहुंचाते है। Read more about Food for Arthritis Patients in Hindi.

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Food for Arthritis Patients in Hindi

(Arthritis Ke Patients Kya Khaye)

  • ग्रीन टी में पाया जाने वाला फ्लेवानोडिस जलन को कम करता है तथा जोड़ो की कोशिकाओं तथा उत्तकों की अर्थराइटिस से संबंधित सूजन तथा दर्द से रक्षा करता है।
  • पत्तेदार गोभी सूजन वाली अर्थराइटिस में एक असरकारक इलाज है। यह जोड़ो में जलन को कम करता है। इसमें शक्तिशाली जलन नाशक तत्व होते है जिससे अर्थराइटिस में लाभ मिलता है।
  • लहसुन अर्थराइटिस रोगी को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। सदियों से लहसुन का प्रयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में अर्थराइटिस तथा जोड़ो के रोगो में होता आ रहा है। लहसुन में जलननाशक तत्व होता है यह अर्थराइटिस रोग से लड़ने में असरकारक है और कोमल अस्थियों तथा उत्तकों की रक्षा करता है।
  • अदरक जलननाशक दवाइयों की तरह कार्य करता है। अदरक के अन्दर मौजूद जिनेरोल में जलननाशक पदार्थ होते है जो इसे पूर्णतः प्राकृतिक औषधि बनाते है तथा अर्थराइटिस, जोड़ो के दर्द तथा जोड़ो के सख्त होने पर काम आता है।
  • सभी प्रकार के बेरिज जैसे स्ट्रॉबेरी, रसबेरी आदि अर्थराइटिस रोग में अति श्रेष्ठ आहार है तथा क्षतिग्रस्त उत्तको तथा कोमल अस्थियों की, कोलेजन का निर्माण कर मरम्मत करता है।
  • चिलीपेपर में सक्रिय तत्व केपसाइसिन पाया जाता है जो तीखा स्वाद देता है तथा अर्थराइटिस रोग में होने वाली सूजन तथा दर्द में राहत देता है। केपसाइसिन ऑस्टिओआर्थरिटिस तथा रियूमेटोइड दोनो ही प्रकार की अर्थराइटिस में प्रभावकारी है।
  • मछली में पाया जाने वाले ओमेगा-3 जलन तथा अर्थराइटिस को कम करता है तथा इससे होने वाले दर्द से मुक्ति दिलाता है।
  • यदि आप शाकाहारी है तो अलसी, मूँगफली तथा अखरोट भी ले सकते है यह आमेगा-3 फैटी एसिड के उत्तम स्त्रोत है।
  • हल्दी एक जलननाशक औषधि है यह जोड़ो के दर्द में काम आता है। हल्दी में पाया जाने वाला सक्रिय कारक अर्थराइटिस के सारे लक्षणों को दूर करता है जैसे संवेदनशीलता, जोड़ो में सूजन तथा कड़ापन।
  • पाइनएप्पल रियूमेटोइड अर्थराइटिस में आराम देता है। पाइनेपल में ब्रोमिलने नामक एन्जाइम पाया जाता है यह जलन कम करने, दर्द को कम करने, अर्थराइटिस तथा जोड़ो के दर्द में काम आती है।
  • जेतून का तेल जोड़ो के दर्द, हृदय की बिमारियां तथा डायबिटीज में भी उपयोगी है इसलिए लोग सूजनयुक्त बिमारियों से लड़ने के लिए जेतून के तेल का उपयोग करते है।

Milk for Arthritis in Women in Hindi

कम फैट वाली चीज़ों से घुटनों का गठिया रोका जा सकता है। आइए जानते है की हम गठिया रोग में क्या खाना फायदेमंद रहेगा। Read Milk for Arthritis in Women in Hindi (arthritis ke liye sea food).

Milk for Arthritis in Women in Hindi

Milk for Arthritis in Women in Hindi

(Arthritis ke Liye Sea Food)

गठिया में खाने योग्य पदार्थ 

1. गाय का दूध (Cow Milk in Arthritis)

गाय का दूध हड्डियों को स्वस्थ बनाता है, ये सदियों से माना जा रहा है।

 2. सी-फ़ूड (Sea Food in Arthritis)

मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं और गठिया से होने वाली सूजन को कम करते हैं।

3. पत्तागोभी (Cabbage in Arthritis)

पत्तागोभी अगर कच्ची खायी जाये तो गठिया से आराम देती है। पकाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और इसके गुणों में कमी आ जाती है। इसके अलावा कच्ची पत्तागोभी खून साफ़ करने का भी काम करती है।

4. लाल मिर्च (Red Chili in Arthritis)

लाल मिर्च में पाए जाने वाले तीखे तत्व गठिया में होने वाली सूजन और दर्द से आराम देते हैं।

5. चैरी (Cherry in Arthritis)

चैरी को अपने भोजन में शामिल करना गठिया से लड़ने का बढ़िया तरीका है। शरीर में से फ्री रेडिकल्स को हटा कर कार्टिलेज, टेंडन्स और जोड़ों को शक्ति देने का काम करती है। रोज़ एक कप चैरी खाने से यूरिक एसिड का स्तर कम होता है और संधिवात(गाउट) और अन्य गठिया के लक्षण भी ख़त्म होते हैं।

Carom Seed for Arthritis in Hindi

सदियों से दादी, नानी, और माँ के द्वारा घरेलु उपचार के रूप में अजवाइन का इस्तेमाल पेट में कुछ भी गड़बड़ी होने पर किया जाता है। अजवाइन हजम शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य को और कई तरह से लाभ पहुँचाता है। अजवाइन में अनेक पोषक तत्व होते है। इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ है पेट की बिमारियो को दूर करने में इसका उपयोग किया जाता है। यह उन लोगो के लिए भी बहुत उपयोगी है जो arthritis से पीडि़त है अगर आप arthritis के दर्द और सूजन से परेशान है तो इससे छुटकारा पाने के लिये अजवाइन का प्रयोग करे। Read Carom Seed for Arthritis in Hindi (Arthritis ke Liye Ajwain).

Arthritis ke Liye Carom Seeds in Hindi

Carom Seed for Arthritis in Hindi

(Arthritis ke Liye Ajwain)

यह किस प्रकार उपयोगी है (How Celery is Helpful for Arthritis)

अजवाइन की प्रकृति जलननाशक होती है। इसलिए यह arthritis के दर्द को दूर करने की प्राकृतिक औषधि है। इसके अलावा इसमें एन्टीसेप्टीक तत्व होते है जो दर्द और सूजन को दूर करने में लाभदायक है। अजवाइन में एन्टीबायोटिक तत्व होते है जो arthritis के लक्षण जैसे- सूजन, जलन तथा लालई आदि को खत्म करते है।

इसका प्रयोग कैसे करे (How to Use Celery for Arthritis)

अजवाइन का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जाता है:-

  • एक टब गरम पानी में कुछ चम्मच अजवाइन मिलाये एवं इसको अच्छे से हिलाये। अब अपने घुटने 5-10 मिनट तक इस पानी में डूबोकर रखे। इससे गठिया रोग के दर्द एवं सूजन से राहत मिलती है।
  • इसके अलावा अजवाइन के बीजो को पीसकर इसका पेस्ट बनाकर जोइंन्ट और सूजन वाली जगह लगाये।

Natural Juice for Arthritis in Hindi

गठिया में होने वाला दर्द व कड़ापन लम्बे समय तक हो सकता है। अस्वास्थ्य कर पेय व भोजन के स्थान पर स्वास्थ्यवर्धक आहार लेकर जोड़ो के दर्द, गठिया में होने वाली जलन तथा कड़ेपन से मुक्ति मिल सकती है। Read Natural Juice for Arthritis in Hindi (Arthritis ka natural ilaj)

Arthritis Ke Liye Natural Juice in Hindi

Natural Juice for Arthritis in Hindi

(Arthritis ka Natural Ilaj)

जोड़ो में होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए हल्दी का रस अपनाए।

 

हल्दी तथा निम्बू (Turmeric and Lemon)

हल्दी में पाया जाने वाले करक्यूमिन में अनेक पोषण एन्टीबायोटिक्स व जलन नाशक तत्व होते है इसके कोई साइड अफेक्ट भी नहीं है, यह ह्नदय संबंधित बिमारियों तथा अल्जाइमर के इलाज में बहुत उपयोगी है। हल्दी गठिया रोग में भी बहुत उपयोगी है। निम्बू में मौजूद विटामिन C हड्डियों की मरम्मत करता है।

 

कच्ची हल्दी का रस (Turmeric Juice)

आवश्यक सामग्री

1. ताजा हल्दी की जड़ो के 4-5 टुकड़े

2. एक निम्बू

3. एक अदरक का टुकडा़

4. दो चम्मच शहद

5. दो चम्मच ठण्डा पानी व बर्फ

 

विधि

  • हल्दी को मिक्सर में पीसकर गाढ़ा रस बना ले।
  • अब इस रस के 2-3 चम्मच एक जग में ले, इसमें शहद, एक निम्बू का रस मिलाए।
  • अब इसमें पानी मिलाकर अच्छे से मिलाए।

 

इस मिश्रण को स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें निम्बू तथा शहद मिलाया जाता है। हल्दी 2-3 दिनों तक फ्रीज में रह सकती है। इसका प्रयोग दूध में मिलाकर सौन्दर्य निखारने में भी किया जाता है।

Home Remedies for Arthritis in Hindi

आर्थराइटिस सूजन के कारण होने वाला जोड़ों का विकार है। आर्थराइटिस में खास तौर पर जोडों पर असर पड़ता है। जोडों का अर्थ शरीर के उस हिस्से से है जहाँ दो हड्डियाँ जुड़ती है और ये शरीर के अंगों को हिलने में मदद करता है। आर्थराइटिस अधिकतर जोडों में दर्द पैदा करता है। आर्थराइटिस का एक कारण जीन्स हैं जो पूर्वजों से आते है। यह 50 साल से ऊपर के व्यक्तियों में शारीरिक असमर्थता का मुख्य कारण है। आर्थराइटिस अलग अलग जोडों पर असर कर सकता है जैसे उंगलियों, घुटने, कोहनी, कुल्हे और जबडे़। आर्थराइटिस को ठीक करने के लिए पहले इसके कारण को जानना होगा। Read Home Remedies for Arthritis in Hindi (Arthritis ka Gharelu Upchar).

 

आर्थराइटिस के प्रकार और कारण Types and Causes of Arthritis

Arthritis Ke Dard Ka Ilaj in Hindi
अधिकतर लोग इस झूठी अवधारणा के अंधकार में रहते है कि सारे आर्थराइटिस एक जैसे होते है। इसलिए सबसे पहले यह जाने कि व्यक्ति किस प्रकार के आर्थराइटिस से ग्रस्त हैं। अलग अलग प्रकार के आर्थराइटिस के अलग अलग लक्षण होते है। कई लोग यह नहीं जानते कि आर्थराइटिस बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकता है। आर्थराइटिस के प्रकार को जानकर आप अपनी स्थिति की गंभीरता को जान सकते है। आर्थराइटिस करीब 100 से अधिक प्रकार के होता है, उनमें से कुछ सबसे सामान्य पाई जाने वाले हैं-

1. ऑस्टियो आर्थराइटिस (Osteoarthritis)

ऑस्टियो आर्थराइटिस में कार्टिलेज अपना लोच खो कर अकड़ जाता है और इस कारण इसे आसानी से हानि पहुंच सकती है। दरअसल कार्टिलेज शरीर को लगने वाले झटके बर्दाशत कर सकता है और इसी वजह से कमजोर होता जाता है। जब कार्टिलेज कमजोर हो जाता है तो टेन्डन्स व लिगामेन्ट्स खिंच जाते है जो दर्द पैदा करते है। धीरे धीरे हड्डियाँ आपस में रगड़ खाना शुरू कर देती हैं जो बहुत तीव्र दर्द उत्पन्न करता है। ये आर्थराइटिस का एक गंभीर प्रकार है जो केवल दवाईयों और सर्जरी से ही ठीक हो सकता है।

2. संक्रामिक आर्थराइटिस (Infectious Arthritis)

संक्रामिक आर्थराइटिस जोडों के टिश्यूज़ और सिनोक्यिल फ्लूइड में वाला सक्रंमण है। यह बैक्टिरिया, फंगस और वायरसेस के कारण होता है। संक्रमित टिश्यू से रक्त धारा के साथ बहकर फैल सकता है और जोड़ों को संक्रमित कर सकता है।

3. रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)

रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस सूजन के कारण होने वाला आर्थराइटिस का एक प्रकार है। इसमें सायनावियल मैक्ब्रेन पर असर होता है जो सूजन व दर्द पैदा करता है। अगर इस स्थिति का इलाज ना किया जाये तो यह शारीरिक विकार उत्पन्न कर सकती है। रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पाया जाता है। यह सामान्यतः 40 की उम्र के बाद होना पाया गया है। वैसे बच्चे व पुरूष भी इस प्रकार के आर्थराइटिस से ग्रस्त हो सकते है।

आर्थराइटिस के लक्षण Symptoms of Arthritis

Arthritis Ke Dard Ka Ilaj in Hindiआर्थराइटिस के लक्षण आसानी से चिन्हित किये जा सकते है। इसमें जोड़ों में दर्द होता है व उनकी कार्यशीलता कम हो जाती है। ऐसा जोड़ों में सूजन के कारण होता है। जोड़ों में दर्द, सूजन, ललाई और अकड़न होने से आर्थराइटिस की पहचान कर सकते है। सूजन बहुत छोटे जोडों में भी हो सकती है। कुछ लक्षण जोडों के अलावा शरीर के दूसरे अंगों पर भी प्रभाव डाल सकते है। कुछ आर्थराइटिस मरीजों में ये लक्षण ग्रन्थियों में सूजन, वजन कम होना, बुखार, थकान, अच्छा ना लगना भी हो सकते हैं।

क्या कडीके चटकाने से आर्थराइटिस हो सकता है?

कडीके चटकाना एक प्रकार से जोडों को मोड़ना है जिससे चटकने की ध्वनि उत्पन्न होती है। लोग शरीर के विभिन्न जोड़ों में कडीके बजा सकते है जैसे कूल्हे, कलाई, कोहली, गर्दन और रीढ की हड्डी, जबडे, अंगूठे, कंधे, पैर, और एकिलेस टेन्डस। रिसर्च बताते है कि कडीके बजाने से आर्थराइटिस नहीं होता है। हालाकि ये जोडों की शक्ति घटाकर उन्हें कमजोर कर सकता है। कुछ सालों बाद ये आर्थराइटिस के खतरे का एक कारण बन सकता है।

Home Remedies for Arthritis in Hindi

रह्यूमैटॉयड आर्थराइटिस के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार

Home Remedies for Arthritis in Hindi

काफी लोगों ने आर्थराइटिस के उपचार के लिए आयुर्वेदिक और अन्य प्राकृतिक उपचार की तरफ रुख किया है। बहुत सारे आसान प्राकृतिक उपचार है जिन्होंने आर्थराइटिस के उपचार में कारगर असर दिखाया है। यहाँ जोडों के दर्द से राहत भरा उपचार देने में सहायक कुछ उपचार हैं-

Arthritis Ke Dard Ka Ilaj in Hindi

1. चेरीज (Cherry for Arthritis)

चेरीज़ मैग्नेशियम में प्रचुर होती है जो कि प्राकृतिक दर्द नाशक हैं। साथ ही इसमें पोटेशियम भरपूर होता है जो सूजन कम करता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए 6 से 8 चेरीज़ रोज खाएँ। ताजा, फ्रोजन या डिब्बाबंद चेरीज़ का उपयोग कर सकते है। यह आर्थराइटिस से राहत का एक मीठा उपचार है।

2. वॉटर थैरेपी (Water Therapy for Arthritis)

वॉटर थैरेपी उपचार एक अच्छा व आसानी से उपलब्ध घरेलू उपचार है। इसमें दर्द वाले जोडों को 1 घंटे के लिए गर्म पानी में रखा जाता है। पानी का तापमान 93.5 F पर रखें जो कि शरीर का सामान्य तापमान है।

3. अदरक (Ginger for Arthritis)

अदरक को भी आर्थराइटिस के असरकारक इलाज के रूप में देखा गया है। अदरक को अपने रोज के भोजन में शामिल करना आर्थराइटिस के दर्द को खत्म करने में मदद करेगा। अदरक को आप सॅासेज, सब्जी, सलाद, चावल या सूप में प्रयोग कर सकते है।

4. ऐलोवेरा (Aloevera for Arthritis)

ऐलोवेरा सूजन व दर्द को कम करने में मदद करता है जो आर्थराइटिस के ठीक होने को बढ़ावा देता है यह प्रतिरोधी तंत्र को बढ़़ावा देता है। ऐलोवेरा शरीर को कुछ ऐसे तत्व प्रदान करता है जो इसे सही करने में मदद करता है।

5. कपूर और सरसों का तेल (Camphor and Mustard Oil )

कपूर और सरसों का तेल का मिश्रण प्रभावित जगह पर रक्त संचार बढ़ाता है। यह जोडों में सूजन व अकड़न कम करने में भी असरकारक हैं। इस उपचार को असरदार रूप से काम मे लेने के लिए निम्न तरीका अपनाएँ।

तरीका: सरसों के तेल में कपूर डालकर तब तक गर्म करें जब तक कपूर घुल ना जाए। इस गुनगुने तेल का प्रभावित जगह पर लगा कर मसाज करें।

6. आलू (Potato for Arthritis)

जोड़ों के दर्द व सूजन के उपचार के लिए आपको चाहिए एक गिलास आलू के फ्लेवर वाला ठंड़ा पानी। आर्थराइटिस के दर्द को हटाने के लिए ये उपचार अपनाएँ।

सामग्री: आलू के बिना छिले हुए 5 टुकड़े , 1 गिलास ठंडा पानी

तरीका: एक गिलास ठंडे पानी में आलू के टुकड़े रात भर के लिए डालें। इस पानी को रोज सुबह खाली पेट पिएँ।

7. हरा चना और लहसुन (Green Gram and Garlic)

हरे चने और लहसुन के मिश्रण को आर्थराइटिस के आसान उपचार के इस्तेमाल करे

सामग्री: 3 बड़े चम्मच हरे चने , 2 लहसुन की कलियाँ-कुटी हुई, 250 मि ली पानी

तरीका: हरे चनों को रात भर के लिए पानी में भिगो कर अंकुरित करे लें।

इन अंकुरित चनों में कुटा हुआ लहसुन मिलाएँ व अच्छे से हिला ले। इस मिश्रण को दिन में दो बार लें। इसे थोडा स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें थोडी सी काली मिर्च छिड़क सकते है।

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